आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग फिट रहने के लिए जिम और वर्कआउट का सहारा ले रहे हैं। युवाओं से लेकर मिड-एज तक के लोग फिटनेस को लेकर पहले से कहीं ज़्यादा सजग हो गए हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कई फिटनेस फ्रीक और जिम जाने वाले लोग भी हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं।
ऐसा क्यों हो रहा है कि जो लोग सेहतमंद दिखते हैं, एक्सरसाइज़ करते हैं, वही अचानक दिल की बीमारी का शिकार बन रहे हैं? इस लेख में जानिए इसके पीछे के कारण और इससे बचने के उपाय।
क्यों आ रहा है हार्ट अटैक फिट लोगों को?
1. ओवर-एक्सरसाइज़ और शरीर पर अधिक दबाव
अत्यधिक वर्कआउट शरीर को थका देता है और हृदय पर अनावश्यक दबाव डालता है। जब दिल की धड़कन सामान्य सीमा से ज़्यादा तेज़ हो जाती है, तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
2. बिना मेडिकल चेकअप के हैवी ट्रेनिंग
कई लोग बिना ECG, BP और कार्डियक हेल्थ की जांच के ही हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट शुरू कर देते हैं। इससे अनजाने में छिपी दिल की समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
3. डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन
तेज़ कसरत के दौरान शरीर से पसीने के रूप में ज़रूरी इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं। इससे दिल की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।
4. सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड का गलत इस्तेमाल
बॉडी बनाने के चक्कर में कई लोग ऐसे सप्लीमेंट्स या स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते हैं जो दिल के लिए बेहद हानिकारक होते हैं।
5. स्ट्रेस और अनियमित लाइफस्टाइल
बाहर से फिट दिखना ज़रूरी नहीं कि भीतर से भी आप स्वस्थ हों। नींद की कमी, तनाव, और असंतुलित खानपान भी हार्ट की सेहत बिगाड़ सकते हैं।
कैसे बचें इस अनदेखे खतरे से?
1. नियमित मेडिकल चेकअप कराएं
जिम या फिटनेस रूटीन शुरू करने से पहले ECG, ब्लड प्रेशर, और हार्ट से जुड़ी जांचें ज़रूर कराएं।
2. अपने शरीर की सुनें
अगर वर्कआउट करते समय चक्कर, सांस फूलना, सीने में दर्द या थकावट महसूस हो, तो तुरंत रुकें और डॉक्टर से संपर्क करें।
3. संतुलित एक्सरसाइज़ प्लान अपनाएं
वर्कआउट का स्तर धीरे-धीरे बढ़ाएं। ओवरट्रेनिंग से बचें और शरीर को पर्याप्त आराम दें।
4. सही खानपान और पर्याप्त नींद
दिल को स्वस्थ रखने के लिए पोषक आहार और 7-8 घंटे की नींद ज़रूरी है।
5. स्टेरॉयड और अनजाने सप्लीमेंट्स से दूरी रखें
किसी भी सप्लीमेंट का सेवन विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।
फिटनेस ज़रूरी है, लेकिन समझदारी के साथ। शरीर को स्वस्थ रखना है तो दिल को भी उतनी ही तवज्जो देना ज़रूरी है। कसरत करते समय संतुलन बनाए रखें, और नियमित जांच के ज़रिए दिल की सेहत पर नज़र रखें। याद रखिए, फिटनेस का असली मतलब है – बाहर और भीतर, दोनों से तंदुरुस्त रहना।