सर्दियों का मौसम आते ही कई लोगों को जोड़ों में अकड़न और दर्द की शिकायत बढ़ने लगती है। इसका मुख्य कारण बढ़ता हुआ यूरिक एसिड होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ठंडी हवाएँ, बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतें सर्दियों में यूरिक एसिड के स्तर को प्रभावित करती हैं। यदि इसे समय पर नियंत्रित न किया जाए, तो यह जोड़ों में सूजन, अकड़न और गाउट जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
सर्दियों में यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है?
कम पानी पीना और शुष्क वातावरण
सर्दियों में लोग अक्सर कम पानी पीते हैं और वातावरण शुष्क होता है। इससे शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है, क्योंकि यूरिक एसिड को बाहर निकालने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी जरूरी होता है।
भारी और तैलीय भोजन
सर्दियों में लोग अधिक तैलीय और मसालेदार भोजन की ओर आकर्षित होते हैं। रेड मीट, समुद्री भोजन, पनीर, पके हुए स्नैक्स और शराब जैसी चीजें यूरिक एसिड को बढ़ाने में योगदान देती हैं।
गतिहीन जीवनशैली
ठंड के मौसम में लोग कम शारीरिक गतिविधि करते हैं। कम चलने-फिरने और व्यायाम न करने से यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है।
थायरॉइड और मेटाबॉलिक बदलाव
सर्दियों में शरीर की चयापचय क्रिया धीमी हो जाती है। इसके कारण यूरिक एसिड का निर्माण अधिक और अपशिष्ट के रूप में उत्सर्जन कम होता है।
यूरिक एसिड बढ़ने पर पहले संकेत
जोड़ों में हल्की अकड़न या दर्द
उंगलियों और पैरों के जोड़ में सूजन
रात में जोड़ों में अचानक दर्द या जलन
त्वचा पर लालिमा या खुजली
यदि ये संकेत नजर आए, तो इसे अनदेखा न करें। विशेषज्ञ कहते हैं कि शुरुआती चेतावनी पर ध्यान देना गाउट जैसी गंभीर समस्याओं से बचाव का पहला कदम है।
सर्दियों में यूरिक एसिड कैसे कंट्रोल करें?
पर्याप्त जल सेवन
दिनभर में कम से कम 2–3 लीटर पानी पीना जरूरी है। यह यूरिक एसिड को घोलकर शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।
संतुलित और हल्का आहार
लाल मांस, समुद्री भोजन, तली हुई चीजें और शराब कम करें। हरी सब्जियाँ, दालें और फलों का सेवन बढ़ाएं। चेरी, सेब और पपीता यूरिक एसिड नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।
नियमित व्यायाम
सर्दियों में हल्की वॉक, योग और स्ट्रेचिंग यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने में लाभकारी हैं।
वजन नियंत्रण
अधिक वजन यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाता है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम वजन को नियंत्रित रखते हैं।
चिकित्सकीय जांच और दवा
यदि यूरिक एसिड का स्तर लगातार बढ़ रहा हो, तो डॉक्टर से जाँच कराएं। आवश्यक होने पर चिकित्सक दवा भी सलाह दे सकते हैं।
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