जैसे-जैसे लोग हवाई यात्रा, पहाड़ी ट्रैकिंग या ऊंचाई वाले इलाकों की सैर करने लगे हैं, कई लोगों को वहां पहुंचते ही पेट से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उल्टी, अपच, गैस और पेट में भारीपन जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल असुविधा नहीं, बल्कि शरीर की ऊंचाई के अनुसार होने वाली प्राकृतिक प्रतिक्रिया होती है।
पेट गड़बड़ होने का कारण
जब हम ज्यादा ऊंचाई पर जाते हैं, तो हवा में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। इसे हाइपोबारिक स्थिति कहते हैं। शरीर के पाचन तंत्र के लिए ऑक्सीजन बेहद जरूरी है। कम ऑक्सीजन मिलने से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है और पेट में गैस, अपच या हल्का दर्द जैसी समस्या महसूस हो सकती है।
इसके अलावा उच्च ऊंचाई पर:
ब्लड प्रेशर में बदलाव हो सकता है, जिससे पेट की मांसपेशियों की हलचल प्रभावित होती है।
फ्लुइड बैलेंस बिगड़ता है, जिससे अपच और कब्ज जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
तनाव और थकान भी पाचन तंत्र पर असर डालते हैं।
शुरुआती संकेत
ऊंचाई पर पहुंचते ही कुछ शुरुआती संकेत दिख सकते हैं:
पेट में भारीपन या सूजन
भूख कम लगना
उल्टी या मितली
गैस या एसिडिटी की समस्या
विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टर और ट्रैवल एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ आसान उपाय इस समस्या को कम कर सकते हैं:
धीरे-धीरे ऊंचाई पर जाएं: अचानक ज्यादा ऊंचाई पर जाने से शरीर को एडजस्ट होने का समय नहीं मिलता।
हाइड्रेटेड रहें: पानी अधिक पीना पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और फ्लुइड बैलेंस बनाए रखता है।
हल्का और सुपाच्य भोजन: तैलीय या भारी भोजन से बचें, फल, सब्जी और आसानी से पचने वाले आहार लें।
आराम करें: शरीर को थकान और तनाव से बचाने के लिए पर्याप्त नींद और ब्रेक लें।
एनर्जी बार या छोटे स्नैक्स रखें ताकि अचानक भूख लगने पर हल्का और पाचन में आसान विकल्प मिल सके।
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