शाम 6 के बाद क्यों ठप पड़ जाता है Sanchar Saathi? यूजर्स ने उठाए बड़े सवाल

देश में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और मोबाइल चोरी व फर्जी सिम कार्ड के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के उद्देश्य से शुरू किए गए Sanchar Saathi पोर्टल को लेकर हाल ही में कई उपयोगकर्ताओं ने गंभीर शिकायतें दर्ज की हैं। यूजर्स का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म शाम होते ही सुस्त पड़ जाता है और रात के समय इसकी सेवाएँ या तो धीमी हो जाती हैं या पूरी तरह बंद दिखने लगती हैं। इन आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है, जहां कई लोगों ने कहा कि जब स्कैमर्स रात के समय सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं, तब पोर्टल का यूँ ठप पड़ जाना चिंताजनक है।

कई उपयोगकर्ताओं ने बताया कि चोरी या गुम हुए फोन की शिकायत दर्ज करने की कोशिश शाम 6 बजे के बाद लगभग असंभव हो जाती है। कुछ लोगों ने दावा किया कि OTP वेरिफिकेशन नहीं होता, वेबसाइट लोड नहीं होती और कभी-कभी पूरा पोर्टल ही एरर दिखाता है। यह स्थिति उन लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है जिन्हें तुरंत अपने फोन का IMEI लॉक करना होता है।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ता लोड, सर्वर क्षमता या मेंटेनेंस शेड्यूल इसके संभावित कारण हो सकते हैं। हालांकि, उपयोगकर्ताओं का तर्क है कि एक राष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा प्लेटफॉर्म में किसी भी तरह की समय-सीमा नहीं होनी चाहिए। साइबर अपराध 24 घंटे सक्रिय रहते हैं, ऐसे में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी लगातार उपलब्ध रहनी चाहिए।

कई पीड़ितों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रात के समय फोन चोरी होने पर सबसे पहले IMEI ब्लॉक करना जरूरी होता है। यदि ऐसा समय पर न हो पाए तो अपराधी फोन में नया सिम डालकर उसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। उपयोगकर्ताओं ने चिंता जताई कि रात के समय पोर्टल को एक्सेस न कर पाने से सिम स्वैपिंग, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग ठगी या फर्जी कॉलिंग जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

सूत्रों के अनुसार, कुछ तकनीकी मुद्दों की वजह से पोर्टल शाम के समय अधिक लोड झेलता है। इस दौरान बड़ी संख्या में उपयोगकर्ता Sanchar Saathi के माध्यम से अपने नाम पर चल रहे नंबरों की जांच करते हैं या फोन ब्लॉक करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर बनाए गए सरकारी प्लेटफॉर्म के लिए सर्वर क्षमता का बेहतर प्रबंधन आवश्यक है।

सरकारी अधिकारियों ने इस संबंध में स्पष्ट बयान तो नहीं दिया है, लेकिन विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर काम जारी है। आने वाले समय में पोर्टल को और अधिक स्थिर तथा 24×7 बिना रुकावट उपलब्ध कराने के लिए तकनीकी सुधार किए जा सकते हैं।

उपभोक्ता संगठनों का मानना है कि Sanchar Saathi एक महत्वपूर्ण पहल है, क्योंकि इसके माध्यम से फोन ब्लॉक, ट्रैकिंग और फर्जी सिम पहचान जैसी सेवाओं का लाभ मिलता है। लेकिन यदि प्लेटफॉर्म पर तकनीकी खामियाँ बनी रहती हैं, तो इसका पूरा उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। नागरिकों ने जोर देकर कहा है कि रात के समय सेवाओं का बाधित होना साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम बन सकता है।

कुल मिलाकर, Sanchar Saathi को लेकर उपयोगकर्ताओं की बढ़ती शिकायतें इस बात का संकेत हैं कि प्लेटफॉर्म को और अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। नागरिकों की उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस समस्या को दूर करेगी, ताकि मोबाइल सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं पर उनका भरोसा कायम रह सके।

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