सर्दियों में ही क्यों फटती हैं एड़ियां? जानें आसान उपाय

सर्दियों में ठंडी और शुष्क हवा के कारण शरीर की त्वचा अक्सर परेशान रहती है। इसी क्रम में सबसे आम समस्या बन जाती है एड़ियों का फटना। कई लोग इसे हल्के में लेते हैं, लेकिन यह सिर्फ दिखावटी समस्या नहीं है। फटी एड़ियां दर्द, जलन और कभी-कभी खून भी निकलने तक की समस्या पैदा कर सकती हैं।

सर्दियों में एड़ियों के फटने का कारण

शुष्क मौसम और कम नमी
सर्दियों की हवा में नमी बहुत कम होती है। इससे त्वचा में प्राकृतिक तेलों की कमी हो जाती है, जो एड़ियों को नरम रखने में मदद करते हैं। नमी की कमी के कारण एड़ियां कठोर और फटी हुई लगने लगती हैं।

अनुचित फुटवियर
ओपन हील्स वाले जूते या सैंडल, जिनमें एड़ी पूरी तरह ढकी नहीं होती, पैरों को हवा और ठंड के संपर्क में रखती हैं। इससे त्वचा और भी ज्यादा शुष्क हो जाती है और फटने का खतरा बढ़ जाता है।

पानी में ज्यादा समय बिताना
सर्दियों में लोग गर्म पानी में लंबे समय तक स्नान करते हैं। हालांकि यह आरामदायक लगता है, लेकिन लंबे समय तक पानी में रहने से एड़ी की त्वचा में प्राकृतिक तेल खत्म हो जाता है और फटने का खतरा बढ़ता है।

विटामिन और मिनरल्स की कमी
विशेषज्ञ बताते हैं कि विटामिन E, विटामिन C और ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी से त्वचा कमजोर होती है। कमजोर त्वचा सर्दियों में जल्दी फट जाती है।

फटी एड़ियों से बचने और निपटने के उपाय

मॉइस्चराइजिंग
रात को सोने से पहले और सुबह नहाने के बाद मोटा मॉइस्चराइज़र या वासलीन लगाएं। यह त्वचा की नमी बनाए रखता है और कठोर होने से बचाता है।

नरम मोज़े और फुटवियर
सर्दियों में बंद जूते और सूती मोज़े पहनें। यह एड़ियों को ठंड और शुष्क हवा से बचाता है।

गुनगुने पानी में पैर भिगोना
सप्ताह में 2-3 बार गुनगुने पानी में पैर 10-15 मिनट भिगोएं। इसके बाद हल्का स्क्रब करें और मॉइस्चराइज़र लगाएं।

पोषण पर ध्यान दें
फल, सब्जियां, नट्स और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन बढ़ाएं। इनमें विटामिन और मिनरल्स मौजूद होते हैं, जो त्वचा को मजबूत और लचीला बनाते हैं।

एलोवेरा और नारियल तेल
एलोवेरा जेल और नारियल तेल एड़ियों की सूखी त्वचा को राहत देते हैं। रात को पैरों पर लगाकर मोज़े पहनना फायदेमंद होता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में फटी एड़ियों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। सही फुटवियर, मॉइस्चराइजिंग और पौष्टिक आहार से इस समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

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