ब्रेन ट्यूमर एक गंभीर बीमारी है जो मस्तिष्क की कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि के कारण होती है। इसे लेकर समाज में कई भ्रम हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके कुछ खास जोखिम कारक होते हैं जिनसे जुड़ी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
डॉक्टर के अनुसार, “हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर नहीं होता, लेकिन कुछ विशेष समूहों में इसका खतरा आम लोगों की तुलना में अधिक होता है।”
1. पारिवारिक इतिहास (Genetic Predisposition)
अगर किसी के परिवार में पहले किसी को ब्रेन ट्यूमर हो चुका है, तो अगली पीढ़ी में इसका जोखिम बढ़ जाता है। खासकर ऐसे जेनेटिक सिंड्रोम जैसे Li-Fraumeni Syndrome, Neurofibromatosis Type 1 और 2 वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
2. रेडिएशन एक्सपोजर
जिन लोगों को सिर या गर्दन पर कैंसर के इलाज के दौरान रेडिएशन थेरेपी दी गई है, उनमें बाद में ब्रेन ट्यूमर विकसित होने की संभावना ज्यादा रहती है। इसके अलावा अत्यधिक मोबाइल रेडिएशन पर भी शोध जारी हैं, हालांकि स्पष्ट संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
3. उम्र और लिंग
ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन कुछ प्रकार के ट्यूमर बच्चों में अधिक आम हैं, जबकि अन्य टाइप्स वयस्कों और बुजुर्गों में ज्यादा देखने को मिलते हैं। पुरुषों में कुछ प्रकार के ब्रेन ट्यूमर का खतरा महिलाओं से अधिक होता है।
4. खराब जीवनशैली और प्रदूषण
हाल के शोधों से पता चला है कि प्रदूषण, जंक फूड, अत्यधिक तनाव और नींद की कमी जैसे कारक भी न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि इनका सीधा संबंध ट्यूमर से नहीं, लेकिन यह समग्र मस्तिष्क स्वास्थ्य पर असर डालते हैं।
कैसे पहचानें शुरुआती लक्षण?
लगातार सिरदर्द, खासकर सुबह
उलझन, बोलने में दिक्कत
संतुलन की कमी
नजर कमजोर होना
अचानक दौरे (seizures)
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