फिल्मी दुनिया में कई ऐसे सितारे रहे हैं, जिनके गलत फैसलों या विवादों ने उनके करियर पर भारी असर डाला। 50-60 के दशक की एक ऐसी ही एक्ट्रेस थी, जिसने अपनी अदाकारी से सभी का दिल जीत लिया था, लेकिन एक झूठे आरोप ने उनकी पूरी जिंदगी बदल कर रख दी।
उस दौर में एक्टर्स को ज्यादा महत्व दिया जाता था, खासकर स्क्रीन स्पेस और फीस के मामले में। लेकिन उनमें से माला सिन्हा जैसी एक्ट्रेस थी, जो उस समय की सबसे अधिक फीस पाने वाली सेलिब्रिटी में से एक थीं।
माला ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बाल कलाकार के तौर पर की थी और धीरे-धीरे उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। माला सिन्हा करोड़पति सितारों की सूची में शामिल थीं, लेकिन इसके साथ ही उन्हें कंजूस होने के कारण भी जाना जाता था। कहा जाता था कि वह इतना पैसा बचाती थीं कि घर में नौकरानी तक नहीं रखती थीं।
उन्होंने बंगाली फिल्मों से शुरुआत की और 1957 में बॉलीवुड की पहली फिल्म मिली, जो हिट साबित हुई। इसके बाद ‘हिमालय की गोद में’, ‘फिर कब मिलोगी’ जैसी कई सफल फिल्में दीं।
उनकी पर्सनल लाइफ भी काफी सुचारू रही। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें अपने को-स्टार चिदंबर प्रसाद से प्यार हो गया और वे शादी के बंधन में बंध गईं। शादी से पहले चिदंबर ने उनसे फिल्म छोड़ने की शर्त रखी, जिसे माला ने मान लिया। लेकिन शादी के बाद जब चिदंबर ने माला के करियर में रुचि दिखाई, तो उन्होंने दोबारा उनके करियर को सपोर्ट किया।
हालांकि, माला के पैसों को लेकर हुए विवाद ने उनकी जिंदगी में बड़ा तूफान ला दिया। एक बार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उनके घर छापा मारा, जहां उनके बाथरूम से 12 लाख रुपए नकद बरामद हुए।
इस मामले में माला ने अपने वकील की सलाह पर कोर्ट में कहा कि यह पैसा उन्होंने प्रॉस्टिट्यूशन से कमाया है। इस बयान के बाद भले ही उन्हें पैसा मिल गया, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में उनके लिए रास्ते बंद हो गए। अंततः माला सिन्हा ने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली।
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