मां का दूध नवजात शिशु के लिए संपूर्ण आहार माना जाता है, जो उसकी सेहत और विकास के लिए बेहद जरूरी होता है। यह न केवल पोषण देता है बल्कि बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में मां का दूध बच्चे के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किन हालातों में स्तनपान कराना टाला जाना चाहिए।
1. मां को कोई गंभीर संक्रमण हो
अगर मां को एचआईवी, हेपेटाइटिस बी या सी, टीबी (असक्रिय रूप से सक्रिय टीबी) जैसी संक्रामक बीमारियां हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही स्तनपान कराना चाहिए। कई मामलों में संक्रमण मां के दूध के जरिए बच्चे तक पहुंच सकता है।
2. कुछ दवाओं के सेवन के दौरान
अगर मां कुछ विशेष दवाएं ले रही हैं, तो उनका प्रभाव दूध के माध्यम से शिशु तक जा सकता है। जैसे:
- कीमोथेरेपी या कैंसर की दवाएं
- रेडिएशन थेरेपी
- कुछ एंटीबायोटिक्स और स्टेरॉयड
- मानसिक रोगों की कुछ दवाएं
इसलिए, अगर कोई महिला नियमित रूप से ऐसी दवाएं ले रही है, तो स्तनपान से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
3. नशीले पदार्थों या शराब के सेवन के बाद
शराब, धूम्रपान, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने के बाद स्तनपान नहीं कराना चाहिए। ये विषैले तत्व दूध के माध्यम से शिशु के शरीर में पहुंच सकते हैं, जिससे उसके मस्तिष्क और संपूर्ण विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
4. मां में पोषण की गंभीर कमी हो
अगर मां अत्यधिक कुपोषित है और उसके शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी है, तो उसके दूध में भी जरूरी पोषण नहीं होगा। इससे शिशु का संपूर्ण विकास बाधित हो सकता है। ऐसी स्थिति में मां को पहले अपना आहार सुधारने और डॉक्टर से परामर्श लेने की आवश्यकता होती है।
5. मां को छाती में गंभीर संक्रमण या चोट हो
अगर स्तनों में कोई गंभीर संक्रमण, गांठ, फोड़ा या निप्पल में घाव है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना स्तनपान नहीं कराना चाहिए। ऐसे मामलों में संक्रमण बच्चे तक फैल सकता है।
6. शिशु को कोई मेटाबोलिक डिसऑर्डर हो
कुछ दुर्लभ स्थितियों में, जब शिशु को गैलेक्टोसीमिया जैसी बीमारी होती है, तो वह मां के दूध में मौजूद प्राकृतिक शर्करा को पचा नहीं पाता। ऐसी स्थिति में स्तनपान की बजाय डॉक्टर की सलाह अनुसार विशेष आहार दिया जाता है।
क्या करना चाहिए?
- अगर कोई संक्रामक बीमारी है, तो डॉक्टर से उचित मार्गदर्शन लें।
- दवाओं के सेवन के दौरान डॉक्टर से पूछकर ही स्तनपान कराएं।
- नशीले पदार्थों और शराब का सेवन बिल्कुल बंद कर दें।
- अपने आहार को पोषक तत्वों से भरपूर बनाएं।
- नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराएं।
स्तनपान शिशु के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह बच्चे के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। यदि मां को कोई गंभीर बीमारी है, नशीले पदार्थों का सेवन करती है, या किसी विशेष दवा का सेवन कर रही है, तो स्तनपान कराने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। सही जानकारी और सतर्कता ही शिशु के स्वस्थ विकास की कुंजी है।
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