विटामिन D के लिए कब और कितनी देर धूप में रहना है जरूरी? जानें एक्सपर्ट से दिन का सही समय और सावधानियां

शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है विटामिन D, जिसे “सनशाइन विटामिन” भी कहा जाता है। यह विटामिन हड्डियों को मजबूत बनाता है, इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखता है और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी होता है। हालांकि, अधिकांश लोग विटामिन D की कमी से जूझ रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह है—धूप में पर्याप्त समय ना बिताना या गलत समय पर धूप में जाना।

तो सवाल यह उठता है कि धूप में कब और कितनी देर रहना चाहिए ताकि शरीर को भरपूर विटामिन D मिल सके?

धूप से कैसे मिलता है विटामिन D?
डॉ. बताती हैं, “जब सूर्य की UVB किरणें हमारी त्वचा पर पड़ती हैं, तब शरीर में एक प्रक्रिया शुरू होती है जिससे विटामिन D बनता है। लेकिन यह तभी संभव है जब धूप का एंगल, त्वचा की एक्सपोजर और समय सभी सही हों।”

धूप का सही समय कौन सा है?
विटामिन D के लिए दिन का सबसे उपयुक्त समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच माना जाता है। इस समय सूर्य की UVB किरणें पर्याप्त मात्रा में पृथ्वी तक पहुंचती हैं, जो त्वचा पर पड़ने पर विटामिन D को सक्रिय करती हैं।

सुबह-सुबह या शाम को हल्की धूप भले ही आरामदायक लगे, लेकिन इनमें UVB किरणें बहुत कम होती हैं, जिससे शरीर में विटामिन D का निर्माण नहीं हो पाता।

कितनी देर रहना चाहिए धूप में?
औसतन 15 से 30 मिनट तक धूप में रहना पर्याप्त होता है, बशर्ते शरीर का 40% हिस्सा जैसे कि हाथ, पैर, चेहरा, खुला हो।

गहरे रंग की त्वचा वालों को हल्की त्वचा वालों की तुलना में थोड़ी ज्यादा देर धूप में रहना पड़ सकता है, क्योंकि उनकी त्वचा में मेलानिन अधिक होता है जो UV किरणों को रोकता है।

सनस्क्रीन और कपड़े: फायदे या रुकावट?
ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आप सनस्क्रीन लगा कर या पूरी तरह कपड़ों से ढक कर धूप में जाते हैं, तो विटामिन D नहीं बनेगा। सनस्क्रीन UVB किरणों को रोक देता है, जिससे यह लाभ नहीं मिल पाता।

डॉ. कहती हैं, “अगर आप विटामिन D के लिए धूप ले रहे हैं, तो कम से कम 15-20 मिनट बिना सनस्क्रीन के त्वचा को एक्सपोज करें, उसके बाद सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन लगाएं।”

शहरों में क्यों है ज्यादा कमी?
शहरी जीवनशैली, घर या ऑफिस में ज्यादा समय बिताना, प्रदूषण और एयर-कंडीशनर का अधिक उपयोग विटामिन D की कमी को बढ़ाते हैं। कई बार लोग सुबह या शाम की धूप में बैठ जाते हैं, जो व्यर्थ होता है। इसके अलावा, बुज़ुर्गों में त्वचा की क्षमता कम हो जाती है, जिससे धूप के बावजूद भी विटामिन D नहीं बनता।

खानपान से पूरा नहीं होता विटामिन D?
विटामिन D कुछ खाद्य पदार्थों जैसे अंडे की ज़र्दी, मशरूम, फैटी फिश (साल्मन, ट्यूना), फोर्टिफाइड दूध और अनाज में भी होता है। लेकिन 90% विटामिन D की पूर्ति सूरज की रोशनी से ही होती है। इसलिए केवल आहार पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।

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