WhatsApp की नई प्राइवेसी शील्ड—केवल iPhone यूज़र्स के लिए शुरू हुई सुविधा

मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप समय-समय पर नए फीचर्स की शुरुआत कर उपयोगकर्ताओं का अनुभव बेहतर बनाता रहता है। लेकिन इस बार कंपनी ने ऐसा फीचर लॉन्च किया है, जिसने एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं को थोड़ी निराशा और iPhone यूज़र्स को खास खुशी दी है। रिपोर्टों के अनुसार, व्हाट्सऐप का यह नया “सीक्रेट फीचर” फिलहाल केवल iOS यानी iPhone उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया गया है। एंड्रॉयड यूज़र्स को इसके लिए कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है।

व्हाट्सऐप का यह नया फीचर सुरक्षा और प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। कंपनी ने इसे सीमित परीक्षण के बाद चुनिंदा iPhone उपयोगकर्ताओं के लिए रोलआउट किया है। प्रारंभिक प्रतिक्रियाओं से संकेत मिलता है कि यह फीचर मैसेजिंग अनुभव में बड़ा बदलाव ला सकता है।

क्या है नया फीचर?

कंपनी द्वारा पेश किया गया यह फीचर यूज़र्स को चैट, मीडिया और नोटिफिकेशन को और अधिक सुरक्षित तरीके से संभालने की सुविधा देता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन टेक विशेषज्ञों का कहना है कि यह फीचर मुख्य रूप से एनहांस्ड प्राइवेसी और सिक्योरिटी कंट्रोल से जुड़ा है।
बताया जा रहा है कि यह फीचर उपयोगकर्ता को ऐसे विकल्प देगा जिनसे चैट को सुरक्षित मोड में देखा जा सकेगा, और किसी अन्य व्यक्ति के हाथों फोन लगने पर महत्वपूर्ण चैट्स या नोटिफिकेशन प्रदर्शित नहीं होंगे।

केवल iPhone उपयोगकर्ताओं के लिए क्यों?

टेक विश्लेषकों का मानना है कि कुछ नए सुरक्षा फीचर्स को सबसे पहले iOS पर लागू करना आसान होता है। एप्पल का सिस्टम नियंत्रित और सख्त सुरक्षा ढांचे पर आधारित है, जिससे परीक्षण चरण अधिक स्थिर रहता है। इसके बाद ही फीचर को एंड्रॉयड जैसे विविध प्लेटफॉर्म पर उतारा जाता है।
व्हाट्सऐप के पूर्व अपडेट्स से भी यह स्पष्ट है कि कई फीचर्स पहले iPhone उपयोगकर्ताओं को मिलते हैं और बाद में एंड्रॉयड के लिए जारी किए जाते हैं।

कैसे करेगा यह फीचर काम?

जानकारों के अनुसार, यह फीचर फोन के बायोमेट्रिक और सिस्टम सिक्योरिटी के साथ मिलकर काम करेगा। जैसे ही उपयोगकर्ता इस मोड को सक्रिय करता है,
– चैट खुलने से पहले फेस आईडी या पासकोड की आवश्यकता हो सकती है,
– लॉक स्क्रीन पर संवेदनशील नोटिफिकेशन छिपाए जा सकते हैं,
– और कुछ चैट्स को ‘सिक्योर स्पेस’ में रखा जा सकता है।

यह सुविधा उन उपयोगकर्ताओं के लिए बहुत मददगार साबित हो सकती है जो प्राइवेसी के प्रति अधिक सतर्क रहते हैं या जिनका फोन अक्सर परिवार के सदस्यों और बच्चों के हाथ में रहता है।

एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं को क्या करना होगा?

फिलहाल एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं को इंतजार करना पड़ेगा। व्हाट्सऐप की नीति के अनुसार, नए फीचर्स को पहले सीमित क्षेत्र में टेस्ट किया जाता है और संतोषजनक प्रदर्शन के बाद ही वैश्विक स्तर पर रोलआउट किया जाता है। अनुमान है कि आने वाले महीनों में यह फीचर एंड्रॉयड पर भी उपलब्ध हो सकता है।

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