व्हाट्सऐप में शुरू हुए विज्ञापन: यूज़र जानें कैसे करें कंट्रोल

लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप ने अपने प्लेटफॉर्म पर हाल ही में एक नया फीचर लागू किया है, जिसके तहत अब उपयोगकर्ताओं को स्टेटस और चैनल फीड में विज्ञापन दिखाई देने लगे हैं। विज्ञापनों की मौजूदगी कई यूजर्स के लिए नया अनुभव है, क्योंकि व्हाट्सऐप को अब तक बिना विज्ञापनों वाला ऐप माना जाता था। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव वैश्विक स्तर पर व्यावसायिक मॉडल को मजबूत करने और कंटेंट प्लेटफॉर्म को टिकाऊ बनाने के लिए किया गया है।

हालांकि, विज्ञापनों के अचानक दिखाई देने ने यूज़र्स के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया पैदा की है। बड़ी संख्या में उपयोगकर्ता यह जानना चाहते हैं कि क्या वे इन विज्ञापनों को नियंत्रित कर सकते हैं या किसी हद तक इन्हें सीमित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विज्ञापनों का यह ढांचा भविष्य में व्हाट्सऐप बिजनेस ईकोसिस्टम को और विस्तृत करेगा, लेकिन व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के लिए इसका प्रभाव उपयोग पैटर्न के आधार पर अलग-अलग होगा।

क्यों दिख रहे हैं विज्ञापन?

कंपनी के अनुसार, व्हाट्सऐप चैनल्स की बढ़ती लोकप्रियता और स्टेटस फीचर के व्यापक उपयोग को देखते हुए नए विज्ञापन फ़ॉर्मेट पेश किए गए हैं। स्टेटस सेक्शन में विज्ञापन उसी प्रकार दिखाई देते हैं जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्टोरी विज्ञापन नजर आते हैं। वहीं चैनल्स में विज्ञापन एक स्पॉन्सर्ड पोस्ट के रूप में दिखते हैं, जिन्हें प्लेटफॉर्म की एल्गोरिद्म उपयोगकर्ताओं की पसंद और रुचियों के आधार पर प्रदर्शित करती है।

डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ बताते हैं कि यह मॉडल मेटा इकोसिस्टम का हिस्सा है, जिसमें इंस्टाग्राम और फेसबुक की तरह व्हाट्सऐप पर भी लक्ष्य आधारित विज्ञापन दिखाए जाएंगे। हालांकि, यह विज्ञापन अभी चैट विंडो में नजर नहीं आते, जिससे उपयोगकर्ताओं की निजी बातचीत प्रभावित नहीं होती।

कैसे करें विज्ञापनों को मैनेज या हाइड?

व्हाट्सऐप पूरी तरह विज्ञापनों को हटाने की अनुमति नहीं देता, लेकिन कुछ कदम उठाकर उपयोगकर्ता इन्हें कम या नियंत्रित कर सकते हैं।

1. विज्ञापन प्रेफरेंसेज़ बदलें
उपयोगकर्ता अपने मेटा अकाउंट सेंटर में जाकर विज्ञापन सेटिंग्स को अपडेट कर सकते हैं। यहां रुचि-आधारित विज्ञापन, गतिविधि ट्रैकिंग और डेटा शेयरिंग विकल्पों में बदलाव किया जा सकता है।

2. अवांछित विज्ञापन को रिपोर्ट करें
यदि कोई विज्ञापन उपयोग की शर्तों का उल्लंघन करता है या अप्रिय महसूस होता है, तो स्टेटस या चैनल पर दिखने वाले विज्ञापन को “रिपोर्ट” किया जा सकता है। यह विकल्प कंपनी को विज्ञापन की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है।

3. चैनल मैनेजमेंट
उपयोगकर्ता उन चैनलों को ‘अनफॉलो’ कर सकते हैं, जिनमें विज्ञापन अत्यधिक दिखाई देते हैं। इससे एल्गोरिद्म आपके व्यवहार को पुनःआकलित करता है और अनचाहे कंटेंट को कम करता है।

4. डाटा ट्रैकिंग सीमित करें
सेटिंग्स में जाकर ‘एड मैनेजमेंट’ और ‘प्राइवेसी कंट्रोल’ विकल्पों के माध्यम से डेटा ट्रैकिंग सीमित करने पर विज्ञापन की प्रासंगिकता बदल जाती है, जिससे कुछ स्पॉन्सर्ड पोस्ट स्वतः कम हो सकती हैं।

उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया और भविष्य की संभावनाएं

इस बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे अनावश्यक व्यवधान बताया, जबकि कुछ का मानना है कि यदि यह प्लेटफॉर्म के विकास में सहायक है, तो यह बदलाव स्वीकार्य है। टेक विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में व्हाट्सऐप विज्ञापन अनुभव को और परिष्कृत करेगा और इसे नियंत्रित करने के लिए और भी सेटिंग्स पेश की जा सकती हैं।

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