दिल से जुड़ी बीमारियां आज की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक हैं। इनमें ‘हार्ट अटैक’ और ‘कार्डिएक अरेस्ट’ दो प्रमुख शब्द हैं, जिन्हें अक्सर लोग एक समान समझ लेते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, इन दोनों में काफी फर्क होता है और दोनों ही अलग-अलग तरीके से जानलेवा हो सकते हैं। आइए जानते हैं हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट में क्या अंतर है और कौन सा ज्यादा खतरनाक होता है।
हार्ट अटैक क्या है?
हार्ट अटैक या मायोकार्डियल इंफार्क्शन तब होता है जब दिल की मांसपेशियों को रक्त सप्लाई करने वाली नलिकाएं अचानक ब्लॉक हो जाती हैं। यह ब्लॉकेज ज्यादातर फैट, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के जमाव से होता है, जिससे दिल की मांसपेशी तक खून नहीं पहुंच पाता और वह प्रभावित हो जाती है। हार्ट अटैक के दौरान व्यक्ति को सीने में तेज दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना, मतली जैसी शिकायतें हो सकती हैं। अगर तुरंत इलाज न मिले तो यह जानलेवा हो सकता है।
कार्डिएक अरेस्ट क्या है?
कार्डिएक अरेस्ट में दिल अचानक अपना काम बंद कर देता है, यानी दिल की धड़कन अचानक रुक जाती है। यह तब होता है जब दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी गड़बड़ हो जाती है। इसके कारण दिल खून पंप करना बंद कर देता है और शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। कार्डिएक अरेस्ट में व्यक्ति तुरंत बेहोश हो जाता है और सांस भी बंद हो जाती है। इसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है क्योंकि यदि 4-5 मिनट के अंदर तुरंत मदद न मिले तो यह मृत्यु का कारण बन सकता है।
मुख्य अंतर
हार्ट अटैक कार्डिएक अरेस्ट
दिल की धड़कन सामान्य रहती है, लेकिन रक्त प्रवाह बाधित होता है दिल की धड़कन अचानक बंद हो जाती है
रक्त नलिकाओं में ब्लॉकेज होता है दिल का इलेक्ट्रिकल सिस्टम खराब होता है
दर्द और अन्य लक्षण होते हैं व्यक्ति तुरंत बेहोश हो जाता है
तुरंत इलाज से बचा जा सकता है तुरंत रेससिटेशन (CPR) और डिफिब्रिलेशन जरूरी
कौन सा ज्यादा खतरनाक है?
दोनों ही स्थितियां गंभीर हैं, लेकिन कार्डिएक अरेस्ट ज्यादा खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसमें दिल की धड़कन तुरंत रुक जाती है और जीवन रक्षक उपायों के बिना व्यक्ति की जान को तुरंत खतरा होता है। हार्ट अटैक में समय रहते इलाज मिलने पर जीवन बचाया जा सकता है, जबकि कार्डिएक अरेस्ट में तुरंत और प्रभावी प्रतिक्रिया जरूरी होती है।
बचाव के उपाय
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: संतुलित आहार लें, व्यायाम करें।
धूम्रपान और शराब से बचें।
नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें।
तनाव से बचाव करें।
हार्ट अटैक के लक्षण महसूस होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।
कार्डिएक अरेस्ट में CPR सीखें और जानें डिफिब्रिलेटर का उपयोग।
विशेषज्ञ की सलाह:
“हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट दोनों ही जानलेवा हो सकते हैं। इनके लक्षणों को समझना और समय पर चिकित्सा सहायता लेना जीवन बचाने में मदद करता है। खासकर कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में तत्काल CPR और डिफिब्रिलेशन जीवनरक्षक साबित होता है।”
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