गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) एक पोस्ट इंफेक्शियस न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो पुणे शहर में तेजी से फैल रही है। इस बीमारी के कारण हाल ही में एक मौत की खबर आई है। जीबीएस एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। यह बीमारी खासकर पेट में इंफेक्शन करने वाले बैक्टीरिया कैम्पिलोबैक्टर जेजूनी के कारण ट्रिगर हो सकती है। इसलिए, समय रहते इलाज कराना बेहद जरूरी है और आपको अपनी डाइट का भी खास ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में हेल्थ एक्सपर्ट क्या कहते हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट की राय
इस बीमारी से बचने के लिए एक्सपर्ट्स ने बाहर के खाने से बचने की सलाह दी है। जीबीएस का एक मुख्य कारण कैम्पिलोबैक्टर जेजूनी बैक्टीरिया है, जो गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट की बीमारी) का कारण बन सकता है। हालांकि इसके और भी कारण हो सकते हैं, लेकिन यह एक ऐसा कारण है जिससे हम बच सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आपको बाहर का खाना और गंदा पानी नहीं पीना चाहिए, खासकर अपनी डाइट में चीज़, पनीर और चावल जैसी चीजों से बचें। साथ ही अपनी इम्यून सिस्टम का ख्याल रखना जरूरी है और अगर किसी को जीबीएस के लक्षण दिखें तो 2 सप्ताह के भीतर इलाज शुरू करना चाहिए।
कैसे खतरनाक हैं ये चीजें
पनीर और चावल जैसे खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया पनपने की संभावना अधिक होती है, क्योंकि इन पदार्थों में नमी और पोषक तत्वों की अधिकता होती है। पनीर और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स को अगर सही तरीके से स्टोर न किया जाए तो इनसे लिस्टेरिया, साल्मोनेला और ई. कोली जैसे बैक्टीरिया उत्पन्न हो सकते हैं। पके हुए चावल में बेसिलस सेरेस नामक बैक्टीरिया हो सकता है, जो कमरे के तापमान पर बैक्टीरिया पैदा कर सकता है। ये खाद्य पदार्थ 40°F-140°F या 4°C-60°C के तापमान पर बैक्टीरिया के लिए अनुकूल होते हैं। इनको फ्रिज में स्टोर करके आप बैक्टीरिया के जोखिम को कम कर सकते हैं।
गिलियन-बैरे सिंड्रोम के लक्षण
हाथों और पैरों में सुन्नता
हाथों और पैरों में झुनझुनी
मांसपेशियों में कमजोरी
चेहरे, आंख, छाती, और अंगों की मांसपेशियों का पैरालिसिस
छाती की मांसपेशियों के पैरालिसिस से सांस लेने में समस्या
यह भी पढ़ें:
पेशाब रोकने से कैसे हो सकते हैं किडनी और यूटीआई के गंभीर खतरे
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check