यूट्रस निकालने से पहले और बाद में शरीर पर क्या होता है, जानें विशेषज्ञ की राय

महिलाओं में गम्भीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कि फाइब्रॉइड्स, एंडोमेट्रियोसिस, कैंसर या बार-बार होने वाली गर्भाशय संबंधी समस्याओं के कारण कभी-कभी यूट्रस (गर्भाशय) निकालना, जिसे चिकित्सकीय भाषा में हिस्टेरेक्टोमी कहा जाता है, आवश्यक हो जाता है। हालांकि यह एक सामान्य और सुरक्षित सर्जरी मानी जाती है, विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पहले और बाद में शरीर पर कई तरह के प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

सर्जरी से पहले शरीर पर असर

यूट्रस निकालने से पहले महिलाओं में शारीरिक और मानसिक रूप से बदलाव महसूस हो सकते हैं। फाइब्रॉइड, मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, पीड़ादायक मासिक धर्म या बार-बार होने वाले इंफेक्शन जैसी स्थितियां शरीर को थका देती हैं। ऐसे में डॉक्टर अक्सर जांच कर सर्जरी की जरूरत और स्वास्थ्य जोखिम का आकलन करते हैं।

सर्जरी से पहले हार्मोनल असंतुलन, थकान और कभी-कभी दर्द या मानसिक तनाव आम है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि महिला को शारीरिक रूप से सर्जरी के लिए तैयार करने के लिए पोषणयुक्त आहार, पर्याप्त नींद और हल्की-फुल्की व्यायाम गतिविधियां करनी चाहिए।

सर्जरी के दौरान और तुरंत बाद

हिस्टेरेक्टोमी एक शल्यक्रिया प्रक्रिया है, जिसे सामान्यतः ** laparoscopic**, abdominal या vaginal तरीके से किया जा सकता है। सर्जरी के दौरान गर्भाशय को हटाया जाता है, और यदि आवश्यक हो तो अंडाशय या फालोपियन ट्यूब्स को भी हटाया जा सकता है।

सर्जरी के तुरंत बाद महिला को दर्द, हल्की थकान और पेट में सूजन जैसी सामान्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टर आमतौर पर दर्द और संक्रमण को रोकने के लिए दवाएं और एंटीबायोटिक देते हैं। इस अवधि में आराम और हल्का भोजन लेना अत्यंत जरूरी होता है।

सर्जरी के बाद शरीर में परिवर्तन

यूट्रस हटाने के बाद महिला के शरीर में कुछ दीर्घकालिक परिवर्तन भी देखे जा सकते हैं। यदि अंडाशय भी हटा दिया गया हो, तो हार्मोनल बदलाव के कारण मेनोपॉज़ जैसी स्थिति जल्दी आ सकती है। इससे गर्मी का अनुभव, मूड स्विंग, नींद की समस्या और हड्डियों में कमजोरी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

सर्जरी के बाद शारीरिक गतिविधियों को धीरे-धीरे बढ़ाना और हल्का व्यायाम करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है क्योंकि शारीरिक बदलाव मानसिक तनाव का कारण बन सकते हैं।

लंबी अवधि में देखी जाने वाली सावधानियां

सर्जरी के बाद संक्रमण, ब्लीडिंग या मूत्र संबंधी समस्याओं पर नजर रखना जरूरी होता है। डॉक्टर नियमित जांच और सही पोषण की सलाह देते हैं। साथ ही योग, हल्की सैर और संतुलित आहार से शरीर को मजबूत बनाए रखना संभव है।

समग्र रूप से देखा जाए तो, यूट्रस निकालना स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक हो सकता है, लेकिन इसके पहले और बाद में सावधानी, पोषण और मानसिक संतुलन बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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