क्या हुआ था साथिया के सेट पर? विवेक ओबेरॉय ने खोला 20 साल पुराना राज़

बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय अक्सर अपनी फिल्मों और निजी जीवन से जुड़ी रोचक घटनाओं को खुले दिल से साझा करते रहे हैं। हाल ही में अभिनेता ने अपनी सुपरहिट फिल्म साथिया के सेट से जुड़ा एक ऐसा किस्सा याद किया, जिसने न केवल उस समय मौजूद टीम को चकित कर दिया था, बल्कि खुद अभिनेता भी उस पल को आज तक भूल नहीं पाए हैं। विवेक के अनुसार, शूटिंग के दौरान अचानक पुलिस के आने से सेट पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया था।

विवेक ने बताया कि साथिया की शूटिंग मुंबई के एक भीड़भाड़ वाले इलाके में हो रही थी। फिल्म का रोमांटिक टोन बनाए रखने के लिए टीम ने एक लोकेशन चुना था, जहां सड़क किनारे सामान्य ट्रैफिक और स्थानीय लोगों की आवाजाही जारी रहती थी। निर्देशक चाहते थे कि दृश्य में स्वाभाविकता बनी रहे, इसलिए कई शॉट बिना अधिक नियंत्रण वाले माहौल में फिल्माए जा रहे थे। इसी दौरान एक सीन में विवेक को बाइक पर बैठकर संवाद बोलना था, जबकि रानी मुखर्जी कैमरे के ठीक सामने खड़ी थीं।

अभिनेता ने बताया कि जैसे ही शॉट शुरू हुआ, कुछ स्थानीय लोगों ने यह समझ लिया कि कोई युवक सड़क पर तेज रफ्तार में बाइक चला रहा है। कुछ लोगों ने इसे वास्तविक स्थिति मानते हुए पुलिस में शिकायत कर दी। विवेक हंसते हुए कहते हैं, “हम लोग सीन में खोए हुए थे, अचानक दूर से सायरन की आवाज आई। पहले तो लगा कि शायद यह किसी दूसरी गली की हलचल है, लेकिन चंद मिनटों में पुलिस हमारी लोकेशन के ठीक सामने आ खड़ी हुई।”

पुलिस कर्मियों ने पहुंचकर शूट रोकने को कहा। टीम ने जैसे-तैसे समझाया कि यह फिल्म की शूटिंग है और बाइक की गति भी कैमरे के एंगल के कारण अधिक दिखाई दे रही है, जबकि वास्तविकता में कोई खतरा नहीं था। विवेक के अनुसार, पुलिस को जैसे ही यह पता चला कि मामला फिल्म से जुड़ा है, वे भी मुस्कुरा दिए और पीछे हट गए। घटनास्थल पर मौजूद लोग तब तक कलाकारों के साथ सेल्फी लेने और शूटिंग देखने में मशगूल हो चुके थे।

अभिनेता का कहना है कि यह घटना भले ही हल्की-फुल्की थी, लेकिन यह बताती है कि फिल्मों में दिखने वाला दृश्य कभी-कभी वास्तविकता से बिल्कुल अलग होता है। उन्होंने बताया कि इस अप्रत्याशित रुकावट के बाद जब शूट दोबारा शुरू हुआ, तो वह सीन और भी बेहतर बना। “कभी-कभी ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं आपको ऊर्जा दे देती हैं। टीम में भी एक नए उत्साह का संचार हुआ,” उन्होंने कहा।

साथिया आज भी युवा दर्शकों की पसंदीदा फिल्मों में से एक है। विवेक का यह किस्सा न केवल फिल्म के प्रशंसकों को सेट के पीछे की दुनिया का एहसास कराता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि फिल्म निर्माण के दौरान अप्रत्याशित स्थितियाँ किस तरह कहानी का हिस्सा बन जाती हैं।

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