बचपन से हम देसी घी का स्वाद और उसकी खुशबू के साथ बड़े हुए हैं। कभी रोटी पर लगाया, कभी पराठे में तड़का लगा, तो कभी बालों और त्वचा में इसे लगाया गया। देसी घी न सिर्फ खाने को स्वादिष्ट बनाता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
🍶 लेकिन हर देसी घी एक जैसा नहीं होता!
आज के दौर में लोग फिटनेस और हेल्थ को लेकर सजग हो गए हैं, और ऐसे में घी को लेकर भी कई सवाल उठते हैं। बाजार में दो तरह का देसी घी मिलता है:
रेगुलर घी – दूध से निकली मलाई से बनाया जाता है।
बिलोना घी – दही से निकली मक्खन को मंथन करके कम आंच पर तैयार किया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, असली पोषण और फायदे बिलोना घी में ही होते हैं। इसमें ज्यादा मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स और हेल्दी फैट्स होते हैं, क्योंकि इसे पारंपरिक लो हीट मेथड से बनाया जाता है, जिससे इसके पोषक तत्व नष्ट नहीं होते।
✅ कितना और कैसे करें सेवन?
हालांकि बिलोना घी स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे असीमित मात्रा में खाया जाए।
🧠 न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह:
भोजन पर ऊपर से घी डालने के बजाय, खाना पकाने में ही घी का उपयोग करें।
एक दिन में 1-2 चम्मच से अधिक घी का सेवन न करें।
क्योंकि अधिक घी से आपकी कैलोरी इनटेक बढ़ सकती है और शरीर में फैट जमा हो सकता है।
👉 आज के समय में हमारे ज्यादातर खाने में पहले से ही ऑयल होता है। ऐसे में घी और तेल दोनों मिलाकर खाने से बचें। एक विकल्प चुनें – या तो तेल या घी।
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