साउथ अफ्रीका को अब ‘चोकर्स’ कहना छोड़ दीजिए, क्योंकि ये टीम अब पहले जैसी नहीं रही। पिछले 350 दिनों में इस टीम ने खुद को पूरी तरह बदल डाला है। अब ये टीम मैदान में सिर्फ खेलने नहीं, जीतने के इरादे से उतरती है। और इस नए तेवर का सबसे बड़ा सबूत पूरी दुनिया ने 14 जून 2025 को लॉर्ड्स के मैदान पर देखा, जब साउथ अफ्रीका ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया।
एक साल में पूरी तरह बदली तस्वीर
पिछले साल इसी महीने में साउथ अफ्रीका ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में जगह बनाई थी। 29 जून को हुए उस मुकाबले में भारत के खिलाफ टीम सिर्फ 6 रनों से हारी, लेकिन उस हार के बाद टीम टूटी नहीं — और यहीं से बदलाव की शुरुआत हुई।
चैंपियंस ट्रॉफी में झटका, पर नहीं हारी हिम्मत
2025 की शुरुआत में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में भी साउथ अफ्रीका ने दमदार खेल दिखाते हुए सेमीफाइनल में एंट्री ली, लेकिन न्यूजीलैंड के हाथों 50 रन से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद एक बार फिर “चोकर्स” का ठप्पा लगाने वालों की आवाज़ें तेज़ हो गईं। लेकिन इस टीम ने जवाब मैदान में देना चुना, आलोचकों को नहीं।
लगातार 7 टेस्ट जीतकर बनाया फाइनल का रास्ता
टेम्बा बावुमा की अगुवाई में टीम ने लगातार 7 टेस्ट मैच जीतकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली। फिर भी चर्चाएं यही थीं — “बड़े मैच में ये टीम फिर दबाव में टूटेगी!” मगर इस बार साउथ अफ्रीका ने इतिहास को बदलने की ठान ली थी।
लॉर्ड्स में टूटा 33 साल का सूखा
14 जून 2025 — लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर, साउथ अफ्रीका ने दबाव में न झुकते हुए, ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को मात दी।
282 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को हासिल करते हुए टीम ने 5 विकेट से जीत दर्ज की और 27 साल बाद कोई ICC खिताब अपने नाम किया।
इसके साथ ही, 1992 से चला आ रहा वर्ल्ड कप जीतने का सपना भी पूरा हुआ। पहली बार सीनियर क्रिकेट में साउथ अफ्रीका वर्ल्ड चैंपियन बना — और वो भी टेस्ट क्रिकेट जैसे सबसे कठिन फॉर्मेट में।
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