वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना है, जिसमें heritage sites की सुरक्षा और social welfare को बढ़ावा देने के प्रावधान शामिल हैं। इस विधेयक के माध्यम से वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता में सुधार लाने की कोशिश की गई है।
वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवाद और समाधान
देश के कई राज्यों में waqf properties को लेकर विवाद सामने आए हैं, जिनकी वजह से कानूनी लड़ाइयां और सामुदायिक चिंताएं बढ़ी हैं। सितंबर 2024 के आंकड़ों के अनुसार, 25 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों में कुल 5973 सरकारी संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित किया गया है। इन संपत्तियों को सुव्यवस्थित रूप से प्रबंधित करने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचे की आवश्यकता है।
विधेयक की मुख्य विशेषताएं
- Secular, Transparent और Accountable System: यह विधेयक waqf administration के लिए एक secular और transparent system को परिभाषित करता है, जिससे संपत्तियों का प्रबंधन सुचारू रूप से किया जा सके।
- Legal, Financial और Administrative Responsibilities: वक्फ संपत्तियों का उपयोग religious और charitable purposes के लिए किया जाता है, लेकिन उनके legal, financial और administrative प्रबंधन के लिए एक well-structured governance system की जरूरत होती है।
- Waqf Board और Central Waqf Council (CWC) की भूमिका: ये संस्थाएं केवल regulatory bodies के रूप में कार्य करेंगी, जिनका कार्य legal compliance सुनिश्चित करना और public interest की रक्षा करना होगा।
- Stakeholders को Empower करना: विधेयक के माध्यम से stakeholders को सशक्त बनाया जाएगा, जिससे वे अधिक प्रभावी रूप से निर्णय ले सकें और संपत्तियों का उपयोग समाज कल्याण के लिए कर सकें।
- Heritage Sites और Social Welfare: इस विधेयक के तहत ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और social welfare programs को बढ़ावा दिया जाएगा।
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 देश में waqf administration के लिए एक progressive और fair framework तैयार करने का प्रयास करता है। यह विधेयक वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों को कम करने, heritage conservation को बढ़ावा देने और social welfare में योगदान देने के लिए एक सशक्त और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।