सुबह की ताज़ा हवा, ओस से भीगी हरी घास और नंगे पैर चलने का अहसास—ये सिर्फ एक सुकून देने वाली आदत नहीं, बल्कि आपके शरीर के लिए प्राकृतिक थेरेपी है। यह प्रैक्टिस ग्राउंडिंग या अर्थिंग कहलाती है, जो शरीर और पृथ्वी के ऊर्जा संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करती है। रोजाना कुछ मिनट नंगे पैर घास पर चलने से कई शारीरिक और मानसिक लाभ मिल सकते हैं।
- तनाव और चिंता होती है कम
ओस वाली घास पर चलने से पैरों के प्रेशर पॉइंट्स एक्टिव होते हैं। इससे ब्रेन को रिलैक्सिंग सिग्नल मिलते हैं और तनाव एवं एंग्जायटी में कमी आती है।
यह मूड को बेहतर बनाने और दिनभर पॉजिटिव एनर्जी देने में भी मदद करता है।
- आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक
एक्यूप्रेशर के अनुसार घास पर चलने से पैरों के नीचे स्थित नर्व्स सक्रीय होती हैं जिनका कनेक्शन आंखों से होता है। प्रतिदिन कुछ देर चलने से आंखों की थकान कम होती है और विज़न बेहतर होने में सहायता मिलती है।
- इम्युनिटी मजबूत होती है
धरती की प्राकृतिक ऊर्जा के संपर्क में आने से शरीर में सूजन (inflammation) कम होती है। इससे इम्युन सिस्टम मजबूत होता है और वायरल व बैक्टीरियल इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
- ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है
नंगे पैर चलने से पैरों की मांसपेशियां, नसें और ब्लड कैपिलरी प्राकृतिक रूप से एक्टिव होती हैं। इससे पूरे शरीर में ब्लड फ्लो सुधरता है और थकान, सुस्ती व पैरों में दर्द में राहत मिलती है।
- नींद होती है गहरी
सुबह की धूप, ताजी हवा और घास का प्राकृतिक स्पर्श शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक को दुरुस्त करता है। इससे मेलाटोनिन हार्मोन संतुलित होता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है।
- शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद
कई शोध बताते हैं कि ग्राउंडिंग से तनाव कम होता है और कॉर्टिसोल लेवल नियंत्रित रहता है। इससे डायबिटीज और हाई BP के मरीजों को लाभ मिलता है। रोजाना 15–20 मिनट चलना बेहद फायदेमंद है।
- पाचन सुधरता है
घास पर नंगे पैर चलने से पेट से जुड़े नर्व पॉइंट्स पर प्रेशर पड़ता है। इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है और कब्ज, गैस तथा एसिडिटी में राहत मिलती है।
कैसे और कब चलें?
सुबह सूर्योदय से पहले या बाद के 30 मिनट सबसे अच्छे होते हैं।
15–20 मिनट बिना रुकावट चलें।
ओस वाली घास का चयन करें ताकि पैर को ठंडक और आराम महसूस हो।
मोबाइल और सोच को किनारे कर सहजता से प्रकृति को महसूस करें।
कौन न चलें?
बहुत कम तापमान में
पैरों में कट/घाव होने पर
किसी फुट इंफेक्शन में
नंगे पैर घास पर चलना एक आसान, मुफ्त और प्राकृतिक तरीका है अपनी सेहत को बेहतर बनाने का। इसे अपनी मॉर्निंग रूटीन का हिस्सा बनाएं और कुछ ही दिनों में फर्क महसूस करें!
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