आजकल की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में लोग अपने शरीर और मानसिक स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ करते जा रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बेहद आसान, प्राकृतिक और फ्री उपाय आपके शरीर को भीतर से स्वस्थ और ताज़ा रख सकता है? वो है – सुबह के समय नंगे पैर हरी घास पर चलना।
यह आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की एक पुरानी विधि है, जिसे ग्राउंडिंग या अर्थिंग भी कहा जाता है। यह आदत न सिर्फ आपकी शारीरिक बल्कि मानसिक सेहत को भी बेहतर बनाती है।
नंगे पैर घास पर चलने के फायदे
1. आंखों की रोशनी में सुधार
घास पर चलने से पैरों के तलवों में मौजूद एक्यूप्रेशर पॉइंट्स सक्रिय होते हैं, जो आंखों से जुड़ी नसों को ऊर्जा देते हैं। यह रोशनी बढ़ाने में मददगार साबित होता है।
2. तनाव और चिंता से राहत
हरी घास पर चलना मन को सुकून देता है। यह ध्यान और मेडिटेशन जैसा असर करता है, जिससे स्ट्रेस हार्मोन (कॉर्टिसोल) घटता है और मानसिक शांति मिलती है।
3. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है
सुबह-सुबह ताज़ी हवा और हरे वातावरण में नंगे पैर चलने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
4. नींद की गुणवत्ता में सुधार
यह आदत मेलाटोनिन हार्मोन को बैलेंस करती है, जो अच्छी और गहरी नींद के लिए ज़रूरी होता है।
5. प्रतिरक्षा प्रणाली होती है मजबूत
जमीन से मिलने वाली प्राकृतिक ऊर्जा शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स के प्रभाव को बढ़ाती है, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है।
6. गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत
घास पर नंगे पैर चलने से पैरों की एक्सरसाइज़ होती है और जोड़ लचीले बने रहते हैं। इससे जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
कैसे करें शुरुआत
- सुबह सूरज निकलने के 30 मिनट के भीतर यह आदत अपनाएं।
- हरी, नर्म और साफ-सुथरी घास पर ही चलें।
- रोज़ाना कम से कम 15–20 मिनट चलें।
- मोबाइल का इस्तेमाल न करें, ध्यान सिर्फ चलने और सांस पर रखें।
कौन से लोग ध्यान रखें
- डायबिटिक नेफ्रोपैथी या पैरों में संवेदनहीनता होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
- यदि घास पर कीटनाशक डाले गए हों, तो उस पर चलने से बचें।
हर दिन की शुरुआत अगर प्रकृति के साथ हो, तो पूरा दिन ऊर्जा से भरा रहता है। सुबह नंगे पैर घास पर चलना न केवल एक हेल्दी आदत है, बल्कि यह आपके शरीर और मन को रोज़ नई ताज़गी देता है। इसे अपनाकर आप छोटी-छोटी बीमारियों को दूर रख सकते हैं और एक संतुलित जीवन की ओर बढ़ सकते हैं।
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check