स्वस्थ जीवन के लिए विटामिन और खनिजों की संतुलित मात्रा जरूरी है। लेकिन आज के समय में खानपान की बदलती आदतों और जीवनशैली के कारण लोगों में विटामिन B12 की कमी तेजी से देखी जा रही है। हाल ही में प्रकाशित एक नई चिकित्सा शोध में यह खुलासा हुआ है कि इस महत्वपूर्ण विटामिन की कमी सिर्फ थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं रहती — यह मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर बीमारियों का भी कारण बन सकती है।
विटामिन B12: क्यों है इतना जरूरी?
विटामिन B12 एक जल में घुलनशील विटामिन है, जो मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र (nervous system) और रक्त निर्माण के लिए आवश्यक होता है। यह विटामिन शरीर में DNA के निर्माण, लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन, और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शरीर B12 स्वयं नहीं बना सकता, इसलिए इसका स्रोत भोजन होता है — विशेषकर मांस, अंडे, डेयरी उत्पाद, और कुछ विशेष सप्लीमेंट्स।
नई रिसर्च का खुलासा: न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का बढ़ता खतरा
एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल में छपी हालिया रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक B12 की कमी रहने पर मस्तिष्क पर गंभीर असर पड़ सकता है।
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि B12 की कमी से व्यक्ति को न्यूरोपैथी (तंत्रिकाओं की बीमारी) हो सकती है, जिसमें हाथ-पैर सुन्न होना, जलन या झनझनाहट की समस्या होती है।
यहां तक कि यह संज्ञानात्मक क्षरण (Cognitive Decline) और डिमेंशिया जैसे रोगों को भी जन्म दे सकती है, विशेषकर बुज़ुर्गों में।
कौन हैं सबसे अधिक जोखिम में?
शाकाहारी (Vegetarian/Vegan) व्यक्ति जो मांसाहारी उत्पादों का सेवन नहीं करते
60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग, जिनमें अवशोषण की क्षमता कम हो जाती है
पेट से जुड़ी बीमारियों (जैसे गैस्ट्राइटिस, सीलिएक) से पीड़ित लोग
अतिरिक्त शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति
बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक एंटासिड या मेटफॉर्मिन जैसे दवाएं लेने वाले लोग
पहचानें कमी के संकेत
शुरुआत में विटामिन B12 की कमी पहचानना मुश्किल हो सकता है क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं। लेकिन इन संकेतों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए:
लगातार थकावट और ऊर्जा की कमी
हाथ-पैरों में झनझनाहट
स्मरण शक्ति में कमी या भ्रम की स्थिति
चिड़चिड़ापन या अवसाद
जीभ में सूजन या मुंह के छाले
त्वचा का पीला पड़ना
क्या है समाधान?
डॉक्टरों के अनुसार, यदि समय रहते जांच और उपचार किया जाए तो B12 की कमी से होने वाले अधिकांश प्रभावों को रोका जा सकता है। इसके लिए:
नियमित ब्लड टेस्ट कराकर B12 का स्तर जानें
डाइट में अंडा, दूध, दही, चीज़, मछली आदि शामिल करें
सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन का सेवन चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार करें
वेगन लोगों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है — उनके लिए फोर्टिफाइड फूड्स और सप्लीमेंट ही विकल्प हैं
विशेषज्ञों की राय
न्यूरोलॉजिस्ट, कहते हैं:
“विटामिन B12 की कमी केवल एक पोषण समस्या नहीं है। यदि इसे अनदेखा किया जाए, तो यह तंत्रिकाओं और मस्तिष्क को स्थायी क्षति पहुँचा सकती है। समय रहते जांच और उपचार से इन जटिलताओं से बचा जा सकता है।”
यह भी पढ़ें:
मोबाइल की स्क्रीन से आंखों को हो सकता है गंभीर नुकसान, जानिए एक्सपर्ट की राय
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check