विटामिन B-12 शरीर और दिमाग दोनों के लिए बेहद ज़रूरी पोषक तत्व है, लेकिन इसकी कमी आजकल तेजी से बढ़ती समस्या बन चुकी है। खासकर गलत खानपान, शाकाहारी डाइट, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड और पाचन से जुड़ी समस्याओं की वजह से कई लोग धीरे-धीरे इसके गंभीर लक्षणों का शिकार हो रहे हैं, बिना इसके कारण को समझे। विटामिन B-12 की कमी सिर्फ कमजोरी या थकान तक सीमित नहीं है — यह दिमाग की नसों, स्मरण शक्ति और शरीर की मूवमेंट को भी प्रभावित कर सकती है।
B-12 की कमी क्यों हो रही है आम?
- लंबे समय तक वेजिटेरियन या वेगन डाइट
- पेट और आंतों में पोषक तत्व अवशोषण की समस्या
- बढ़ती फास्ट फूड और जंक फूड आदत
- एसिडिटी की दवाओं का लंबे समय तक सेवन
- बायोटिन और फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स का ओवरडोज
- उम्र बढ़ने पर शरीर में अवशोषण क्षमता कम होना
दिमाग और नसों पर क्या असर डालता है B-12 डिफिशियेंसी?
विटामिन B-12 नसों के कवर (Myelin Sheath) को सुरक्षित रखता है, जिससे दिमाग और शरीर के बीच संदेश सही तरीके से पहुँचते हैं। इसकी कमी से न्यूरोलॉजिकल डैमेज शुरू हो सकता है, जिसके लक्षण शुरू में हल्के और धीरे-धीरे गंभीर होते जाते हैं।
चेतावनी देने वाले लक्षण
- हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन
- चलने-फिरने में असंतुलन
- मानसिक भ्रम, चिड़चिड़ापन या डिप्रेशन
- याददाश्त कमजोर होना
- बॉडी में जकड़न या स्ट्रेच जैसा दर्द
- सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होना
- जीभ पर जलन या लालपन
कौन-सी बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
- पेरिफेरल न्यूरोपैथी
- डिमेंशिया और अल्ज़ाइमर रिस्क
- एनीमिया और हार्ट डिजीज
- मसल्स वीकनेस और मोशन डिसऑर्डर
कैसे बढ़ाएं Vitamin B-12?
Natural Foods:
अंडा, दूध, दही, पनीर, मछली, चिकन, दालें, अंकुरित अनाज, फोर्टिफाइड सीरियल
In severe cases:
डॉक्टर द्वारा सुझाए गए इनजेक्शन या सप्लीमेंट
Vitamin B-12 deficiency को हल्के में लेना बड़ी गलती हो सकती है। यदि लगातार सुन्नपन, थकान, याददाश्त की समस्या या बॉडी स्टिफनेस महसूस हो रही है, तो तुरंत ब्लड टेस्ट (Serum B-12) कराकर उपचार शुरू करें। समय रहते सुधार करना आसान है, वरना नुकसान जीवनभर का हो सकता है।
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