महिलाओं में वाइट डिस्चार्ज यानी योनि से सफेद स्राव निकलना एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन कभी-कभी यह किसी बीमारी या संक्रमण का संकेत भी हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि महिलाओं को अपने शरीर के इस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि सही समय पर पहचान और इलाज से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।
वाइट डिस्चार्ज कब होता है सामान्य:
मासिक धर्म के चक्र के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण हल्का सफेद या दूधिया स्राव निकलना सामान्य है।
यह आमतौर पर बिना गंध वाला और जलन या दर्द न होने वाला होता है।
यौवन से लेकर मेनोपॉज़ तक, महिलाओं के शरीर में प्राकृतिक रूप से यह प्रक्रिया होती रहती है।
सामान्य और असामान्य में फर्क:
सामान्य डिस्चार्ज: सफेद या हल्का पीला रंग, हल्का चिकना महसूस, कोई गंध नहीं, दर्द या खुजली नहीं।
असामान्य डिस्चार्ज: पीला, हरा, भूरा या गाढ़ा स्राव, बदबूदार गंध, खुजली, जलन या दर्द के साथ। यह संक्रमण, फंगल इंफेक्शन या सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिज़ीज़ का संकेत हो सकता है।
संभावित कारण:
फंगल इंफेक्शन (जैसे कैंडिडा) – खुजली और गाढ़ा सफेद डिस्चार्ज के साथ।
बैक्टीरियल वजिनोसिस – बदबूदार डिस्चार्ज, विशेषकर मासिक धर्म के बाद।
हार्मोनल असंतुलन – प्रजनन उम्र में हार्मोन का बदलाव।
सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI) – पीला या हरा डिस्चार्ज, दर्द और जलन के साथ।
डॉक्टरों की सलाह:
अगर डिस्चार्ज में रंग, गंध या मात्रा में अचानक बदलाव हो, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
साफ-सफाई का ध्यान रखें, तंग synthetic कपड़े पहनने से बचें।
संतुलित आहार और पर्याप्त पानी शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करता है।
खुद से दवा या ओवर-द-काउंटर क्रिम का प्रयोग न करें, सही इलाज डॉक्टर के अनुसार ही लें।
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