जुलाई में पेंसिल्वेनिया में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर रैली के दौरान जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले में ट्रंप की सुरक्षा में लगे यूएस सीक्रेट सर्विस के जवानों पर लापरवाही के आरोप लगे थे। अब यूएस सीक्रेट सर्विस ने भी माना है कि उनकी तरफ से संचार संबंधी कमियां थीं और जवानों की सतर्कता में भी कमी थी। शुक्रवार को यूएस सीक्रेट सर्विस के कार्यवाहक निदेशक रोनाल्ड रोवे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुछ एजेंट्स की तरफ से लापरवाही बरती गई, जिसके कारण सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ। उन्होंने कहा कि एजेंसी के कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
ट्रंप पर हमले के बाद सीक्रेट सर्विस पर उठे थे सवाल
गौरतलब है कि 13 जुलाई को पेंसिल्वेनिया की रैली में ट्रंप पर हुए हमले के कारण सीक्रेट सर्विस की खूब आलोचना हुई थी और इसके चलते सीक्रेट सर्विस की पूर्व निदेशक को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। आलोचकों ने इस बात पर चिंता जताई थी कि संदिग्ध हमलावर रैली स्थल पर सामने की छत पर कैसे पहुंच गया, जबकि वहां से सीधे सामने ही ट्रंप भाषण दे रहे हैं। और इसके पूर्व निदेशक को इस्तीफा देना पड़ा। आलोचकों ने इस बात पर चिंता जताई कि संदिग्ध व्यक्ति पास की छत तक कैसे पहुंच पाया, जहां से पूर्व राष्ट्रपति सीधे भाषण दे रहे थे।
हाल ही में ट्रंप पर फिर हुई हमले की कोशिश
रैली में हुई गोलीबारी में डोनाल्ड ट्रंप के कान को छूते हुए गोली निकल गई थी और पूर्व राष्ट्रपति बाल-बाल बच गए थे। हालांकि गोलीबारी में रैली में शामिल एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो अन्य लोग घायल हो गए थे। अब सीक्रेट सर्विस ने कहा है कि वह सुरक्षा चूक के लिए ‘शर्मिंदा’ हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप पर एक बार फिर हमले की कोशिश हुई। दरअसल एक संदिग्ध फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के आवास के पास झाड़ियों में छिपकर बैठा था। हालांकि इस बार सीक्रेट सर्विस की मुस्तैदी से हमला टल गया। पुलिस ने संदिग्ध आरोपी को पकड़ लिया और घटनास्थल से अत्याधुनिक एके-47 राइफल भी बरामद की थी। रोवे ने कहा कि ट्रंप को राष्ट्रपति जो बिडेन और डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के बराबर ही सुरक्षा मिल रही है।
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