विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को न्यूयॉर्क में ब्राज़ील की अध्यक्ष वाले जी 20 विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक में संयुक्त राष्ट्र और उसके सहायक निकायों के सुधार, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय वास्तुकला में सुधार तथा बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली में सुधार पर भारत के विचारों पर प्रकाश डाला।
बैठक की अध्यक्षता ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने की और इसमें दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, महासभा के अध्यक्ष फिलेमोन यांग और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी उपस्थित रहे।
डा. जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज न्यूयॉर्क में जी 20 विदेश मंत्रियों की बैठक में ‘वैश्विक शासन सुधार विषय पर बात की। प्रतिनिधित्वपूर्ण, विश्वसनीय और प्रभावी बहुपक्षवाद सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुधारों की तात्कालिकता पर प्रकाश डाला। इसमें दोनों श्रेणियों में यूएनएससी का विस्तार शामिल है।”
उन्होंने पोस्ट में कहा, “मजबूत, व्यापक और प्रभावी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय वास्तुकला की अनिवार्यता पर ध्यान दिया गया। विकासशील विश्व की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंक (एमडीबी) में सुधार के लिए जी20 में भारत के प्रयासों के बारे में बात की। अतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली के लिए संरक्षणवाद और बाजार-विकृत प्रथाओं की चुनौतियों को रेखांकित किया गया। नियम-आधारित, गैर-भेदभावपूर्ण और निष्पक्ष बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए डब्ल्यूटीओ में व्यापक सुधारों का आह्वान किया गया।”
विदेश मंत्री ने याद दिलाया कि भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान महत्वपूर्ण प्रगति हुई थी, जिसमें नेताओं ने विकास और जलवायु वित्त का विस्तार करने का आह्वान किया था और एमडीबी को अपने दृष्टिकोण, प्रोत्साहन संरचनाओं, परिचालन दृष्टिकोण और वित्तीय क्षमताओं को परिष्कृत करने के लिए प्रोत्साहित किया था, ताकि उनके विकासात्मक प्रभाव को अधिकतम किया जा सके।
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