क्या है अल्ट्रासोनिक थेरेपी?
अल्ट्रासोनिक थेरेपी एक आधुनिक फिजियोथेरेपी तकनीक है, जिसमें हाई-फ्रीक्वेंसी साउंड वेव्स (ध्वनि तरंगों) का इस्तेमाल करके शरीर के अंदर के ऊतकों (Tissues) पर असर डाला जाता है। यह थेरेपी आमतौर पर मांसपेशियों के दर्द, सूजन और जोड़ों की परेशानी में राहत पहुंचाने के लिए उपयोग में लाई जाती है।
यह प्रक्रिया नॉन-इनवेसिव होती है, यानी इसमें किसी प्रकार की सर्जरी या इंजेक्शन की ज़रूरत नहीं होती। अल्ट्रासोनिक मशीन से निकलने वाली तरंगें शरीर में जाकर ब्लड सर्कुलेशन को सुधारती हैं और हीलिंग प्रोसेस को तेज़ करती हैं।
किस तरह दी जाती है यह थेरेपी?
थेरेपी के दौरान एक छोटे से उपकरण (Transducer) को उस हिस्से पर रखा जाता है, जहां दर्द या सूजन है। इस ट्रांसड्यूसर पर पहले एक जेल लगाया जाता है जिससे तरंगें त्वचा के नीचे तक आसानी से पहुंच सकें। ध्वनि तरंगें उस हिस्से के भीतर कंपन पैदा करती हैं और ऊतक की मरम्मत में मदद करती हैं।
किस-किस बीमारी में होती है फायदेमंद?
मांसपेशियों में खिंचाव और चोट
खेल या एक्सरसाइज के दौरान लगी चोट
मांसपेशियों की ऐंठन या जकड़न
जोड़ों और हड्डियों का दर्द
ऑस्टियोआर्थराइटिस
स्पॉन्डिलाइटिस
स्लिप डिस्क
ऑपरेशन या फ्रैक्चर के बाद रिकवरी
सूजन कम करना
ऊतकों को तेजी से ठीक करना
पुरानी सूजन और टेंडन की समस्या
टेंडोनाइटिस
बर्साइटिस
किन्हें नहीं लेनी चाहिए ये थेरेपी?
गर्भवती महिलाओं को पेट के क्षेत्र पर
हृदय के पास, मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी के करीब
कैंसरग्रस्त ऊतक या मेटल इम्प्लांट वाले हिस्सों पर
संक्रमण वाले स्थानों पर
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
डॉ. बताती हैं, “अल्ट्रासोनिक थेरेपी आज के दौर में तेज़ और सुरक्षित विकल्प है, खासकर उन मरीजों के लिए जो लंबे समय से मांसपेशियों या जोड़ के दर्द से जूझ रहे हैं।”
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