पिछले साल नवंबर के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि वे व्हाइट हाउस में वापसी करते हैं, तो यूक्रेन और गाजा युद्ध को कुछ ही दिनों में समाप्त कर देंगे। दोनों युद्धों की शुरुआत से अमेरिका यूक्रेन और इजराइल की मदद कर रहा था, लेकिन ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिका ने यूक्रेन से अपनी सहायता खींच ली और सीधे रूस के साथ शांति वार्ता की ओर कदम बढ़ाया।
हालांकि इजराइल के मामले में ऐसा नहीं हुआ। ट्रंप आज भी इजराइल के साथ पूरी तरह से खड़े हैं और उसे सैन्य, आर्थिक और अन्य सभी क्षेत्रों में मदद दे रहे हैं। अमेरिका के हालिया कदमों से यह संकेत मिलता है कि मध्य पूर्व में शांति की बजाय स्थिति और भड़काने के लिए ट्रंप ने इजराइल को एक “फ्री हैंड” दे दिया है।
इजराइल को मिली खुली छूट
अमेरिका पिछले हफ्ते से लगातार हूतियों के ठिकानों पर हमले कर रहा है, जबकि सोमवार को इजराइल ने लेबनान, सीरिया और गाजा में फिर से हमलों की श्रृंखला शुरू कर दी है। पिछले 16 महीनों से चल रहे तनाव में हूतियों ने अमेरिका और इजराइल दोनों के लिए काफी चुनौतियाँ पैदा की थीं। इजराइली हमलों के दौरान अमेरिका का यमन पर स्ट्राइक यह दर्शाता है कि व्हाइट हाउस ने इजराइल को बिना किसी जवाबी कार्रवाई के अपने दुश्मनों को खत्म करने की छूट दे दी है।
तीन देशों में इजराइल का तांडव
इजराइल सेना ने सोमवार को गाजा, सीरिया और लेबनान में फिर से बमबारी शुरू कर दी है। गाजा में हुए हमलों में अब तक लगभग 100 नागरिकों की मौत हो चुकी है और दर्जनों घायल हो गए हैं। वहीं, सीरिया के दारारा शहर के रिहायशी इलाके में हुए हमलों में तीन लोगों की मौत और 19 अन्य घायल हो गए हैं। इजराइल ने यह भी बताया कि उसने दक्षिणी लेबनानी शहर योहमोर में हिजबुल्लाह के ‘आतंकवादी’ समूह के दो सदस्यों को मार गिराया है।
अमेरिका के हूतियों पर हमले जारी
दूसरी ओर, अमेरिका ने सोमवार सुबह यमन में हवाई हमलों की नई श्रृंखला शुरू कर दी है। हूती प्रवक्ता याह्या सारी और हूती चीफ अब्दुल मलिक अल हूती ने सना के खिलाफ किसी भी आक्रामक कदम का करारा जवाब देने की कसम खाई है।
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