अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान की कमान संभाल रही टीम ने शनिवार को कहा कि उनके ई-मेल हैक किए गए हैं। टीम ने दावा किया कि ईरान के लोग इन संवेदनशील आंतरिक दस्तावेज चुराने और उनके प्रसार में शामिल हैं।
हालांकि, प्रचार अभियान की कमान संभालने वाली टीम ने ईरान की संलिप्तता को लेकर सीधे कोई सबूत नहीं दिया, लेकिन उसका यह दावा माइक्रोसॉफ्ट द्वारा एक रिपोर्ट जारी किए जाने के बाद आया है। इस रिपोर्ट में 2024 में अमेरिकी अभियान में हस्तक्षेप करने के विदेशी एजेंटों के प्रयासों का विवरण दिया गया है।
ट्रम्प के चुनाव प्रचार अभियान के प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने हैकिंग के लिए ‘‘अमेरिका के प्रति शत्रुता रखने वाले विदेशी स्रोतों’’ को जिम्मेदार करार दिया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि उसने (परिषद) अनुचित विदेशी हस्तक्षेप की रिपोर्ट को ‘‘बेहद गंभीरता से’’ लिया है और वह अमेरिकी लोकतांत्रिक संस्थानों में विश्वास को कम करने का प्रयास करने वाली सरकार या संस्था की निंदा करती है। लेकिन इसके साथ ही प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले को न्याय विभाग पर छोड़ दिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन से जब ट्रंप के प्रचार अभियान के दावे के बारे में पूछा गया तो उसने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया । मिशन ने बताया, ‘‘हम ऐसी रिपोर्टों पर कोई भरोसा नहीं करते।’’
मिशन ने कहा, ‘‘ईरानी सरकार के पास न तो अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा या मकसद है और न ही वह ऐसा करती है।’’
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