अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपनी विवादास्पद जुबान के कारण सुर्खियों में हैं। एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक महिला रिपोर्टर के सवाल पर उन्होंने बदतमीजी भरा तंज कसा और कहा, ‘क्वाइट, क्वाइट पिग्गी!’ यह घटना जेफरी एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी थी, जहां ट्रंप के नाम का जिक्र होने से वे भड़क उठे। व्हाइट हाउस ने इसे ‘सामान्य बातचीत’ बताया है, लेकिन विपक्ष और महिलाओं के अधिकार संगठनों ने इसे ‘महिलाओं के प्रति अपमान’ करार देते हुए कड़ी निंदा की है। यह वाकया ट्रंप के प्रेस के साथ तनावपूर्ण रिश्ते को एक नया मोड़ दे रहा है, खासकर तब जब एपस्टीन मामले पर दबाव बढ़ रहा है।
घटना 14 नवंबर की है, जब ट्रंप वॉशिंगटन लौट रहे थे। हाउस ओवरसाइट कमिटी के डेमोक्रेट्स ने एपस्टीन के एस्टेट से प्राप्त तीन ईमेल जारी किए, जिनमें ट्रंप का नाम स्पष्ट रूप से आया। एक ईमेल में एपस्टीन ने घिस्लेन मैक्सवेल को लिखा कि ट्रंप ‘वह कुत्ता है जो भौंकता नहीं’ और एक पीड़िता ने ट्रंप के साथ ‘घंटों बिताए’। दूसरे ईमेल में एपस्टीन ने बायोग्राफर माइकल वोल्फ को बताया कि ट्रंप ‘लड़कियों के बारे में जानते थे’ और मैक्सवेल से रोकने को कहा। ट्रंप ने इसे ‘डेमोक्रेट्स का होक्स’ बताकर खारिज किया, लेकिन रिपोर्टर्स ने पीछा नहीं छोड़ा।
ब्लूमबर्ग की एक महिला रिपोर्टर ने ऑफ-कैमरा सवाल पूछा, ‘ईमेल्स में कुछ आपकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला तो नहीं है?’ ट्रंप ने उंगली ताकते हुए चिल्लाया, ‘क्वाइट! क्वाइट, पिग्गी!’ वीडियो फुटेज वायरल हो गया, जिसमें ट्रंप का चेहरा गुस्से से तमतमाया नजर आ रहा है। उन्होंने तुरंत एक अन्य पत्रकार के वेनेजुएला पर सवाल का जवाब दिया, ‘मैंने फैसला कर लिया है, लेकिन बताऊंगा नहीं।’ यह ‘पिग्गी’ टिप्पणी ट्रंप की पुरानी आदत को याद दिलाती है। 2016 कैंपेन में उन्होंने पूर्व मिस यूनिवर्स एलिसिया माचाडो को ‘मिस पिग्गी’ कहा था, जिन्होंने बताया कि ट्रंप उन्हें ‘फैट’ और ‘अग्ली’ कहते थे।
ट्रंप के समर्थक इसे ‘ट्रोलिंग’ बता रहे हैं, लेकिन आलोचक स्तब्ध हैं। रियली अमेरिकन संगठन ने कहा, ‘यह घिनौना पल है, ट्रंप एक अनफिट क्रिप हैं।’ ओक्यूपाई डेमोक्रेट्स ने ट्वीट किया, ‘यह अमेरिका का राष्ट्रपति है, जो महिलाओं को ऐसे अपमानित करता है।’ रेडिट पर एक यूजर ने लिखा, ‘अगर ओबामा ऐसा कहते तो बवाल मच जाता।’ महिलाओं के अधिकार ग्रुप नाउ ने इसे ‘सेक्सिस्ट अटैक’ कहा और ट्रंप से माफी मांगी। ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, ‘एपस्टीन फाइल्स पर एजी पाम बॉन्डी जांच करेंगी। डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स सहमत होंगे।’ लेकिन यह बयान सवालों को शांत नहीं कर सका।
एपस्टीन फाइल्स का विवाद ट्रंप प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुका है। हाउस मंगलवार को वोटिंग करेगा कि सभी अनक्लासिफाइड फाइल्स जारी हों। ट्रंप ने कहा कि वे बिल साइन करेंगे, लेकिन पहले इसे ‘होक्स’ बता चुके हैं। एपस्टीन, जो 2019 में जेल में मरा, ट्रंप का पुराना दोस्त था। ट्रंप ने 2002 में कहा था, ‘एपस्टीन शानदार आदमी हैं, लड़कियां पसंद करते हैं – ज्यादातर 17-18 साल की।’ पीड़िताओं ने ट्रंप पर आरोप लगाए, लेकिन वे इनकार करते रहे। यह घटना #MeToo को याद दिलाती है, जहां ट्रंप पर 26 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।
अमेरिकी मीडिया में यह वीडियो डिबेट का विषय है। सीएनएन ने कहा, ‘ट्रंप का प्रेस के साथ युद्ध जारी।’ न्यूजवीक ने इसे ‘ट्रंप की महिलाओं से दुश्मनी’ बताया। ट्रंप के वकील ने कहा, ‘यह सामान्य है, कोई बड़ा मुद्दा नहीं।’ लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह 2026 मिडटर्म्स पर असर डालेगा। विपक्ष नेता नैंसी पेलोसी ने कहा, ‘ट्रंप महिलाओं का सम्मान नहीं जानते।’ ट्रंप ने सोमवार को ओवल ऑफिस में खांसी के बीच कहा, ‘मैं ठीक हूं।’ लेकिन यह ‘पिग्गी’ वाकया उनकी छवि को और नुकसान पहुंचा रहा है।
क्या ट्रंप माफी मांगेंगे? या यह उनकी ‘स्ट्रेट टॉक’ का हिस्सा बनेगा? एपस्टीन फाइल्स की रिलीज से नया खुलासा हो सकता है। फिलहाल, यह घटना अमेरिकी राजनीति में लिंग भेदभाव के सवाल खड़े कर रही है। ट्रंप का स्टाइल हमेशा विवादास्पद रहा, लेकिन महिलाओं को निशाना बनाना नई ऊंचाई है।
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