अमेरिका और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। सोमवार को व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने CNN को जानकारी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता पर रोक लगाने का आदेश दिया है। यह फैसला शुक्रवार को ओवल ऑफिस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ हुई बहस के बाद लिया गया।
व्हाइट हाउस की सफाई – “शांति के लिए जरूरी कदम”
व्हाइट हाउस के अधिकारी के अनुसार, “राष्ट्रपति ट्रंप का ध्यान शांति पर है, और हमें अपने भागीदारों से भी उसी प्रतिबद्धता की उम्मीद है।” उन्होंने कहा कि सहायता रोककर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह वास्तव में शांति समझौते में सहायक होगी।
यूक्रेन को नए हथियार नहीं मिलेंगे!
ट्रंप प्रशासन ने साफ किया कि जो हथियार पहले ही यूक्रेन को दिए जा चुके हैं, वे उनका उपयोग कर सकते हैं, लेकिन नई सैन्य आपूर्ति पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
ज़ेलेंस्की पर ट्रंप का सीधा हमला!
ब्लूमबर्ग न्यूज और फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने यह आदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ज़ेलेंस्की पर आरोप लगाने के कुछ घंटों बाद दिया। ट्रंप ने दावा किया कि “जब तक अमेरिका उनके साथ है, ज़ेलेंस्की शांति वार्ता के लिए गंभीर नहीं होंगे।”
यूक्रेन पर दबाव की रणनीति?
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम ट्रंप की रणनीति का हिस्सा है ताकि ज़ेलेंस्की शांति वार्ता के लिए मजबूर हो जाएं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यहां तक कहा कि ज़ेलेंस्की को ट्रंप के साथ किए गए व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए।
इजराइल को मिला ट्रंप का समर्थन!
जहां एक तरफ ट्रंप ने यूक्रेन की सैन्य सहायता रोकी, वहीं दूसरी तरफ इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के वाशिंगटन दौरे के बाद, इजराइल को मिलने वाली मदद बढ़ा दी।
बाइडेन प्रशासन द्वारा लगाए गए कुछ अस्थायी हथियार प्रतिबंध भी हटा दिए गए हैं, जिससे इजराइल को और ताकत मिलेगी। नेतन्याहू ने ट्रंप का धन्यवाद करते हुए अमेरिका को “सच्चा सहयोगी” बताया।
क्या ट्रंप की यह नीति वैश्विक राजनीति को नया मोड़ देगी?
यूक्रेन की सैन्य मदद रोककर और इजराइल को मजबूत समर्थन देकर, ट्रंप ने अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। अब यह देखना होगा कि यूक्रेन इस दबाव में आकर शांति वार्ता के लिए राजी होता है या नहीं!
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