पिंपल और ऑयली स्किन से परेशान? जानिए बेस्ट केयर रूटीन एक्सपर्ट की जुबानी

तेलिय त्वचा (ऑयली स्किन) और पिंपल्स (एक्ने) की समस्या आज के समय में आम होती जा रही है, खासकर युवाओं और शहरी जीवनशैली जीने वालों में। तेज धूप, प्रदूषण, हार्मोनल बदलाव और गलत स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल इस समस्या को और भी बढ़ा देता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही स्किन केयर रूटीन अपनाकर ऑयली स्किन को नियंत्रित किया जा सकता है और पिंपल्स की समस्या से राहत पाई जा सकती है।

ऑयली स्किन क्या होती है और क्यों होती है?

त्वचा में मौजूद सिबेसियस ग्लैंड्स (तेल ग्रंथियां) जब ज़रूरत से ज्यादा सीबम (तेल) बनाने लगती हैं, तो त्वचा चिपचिपी हो जाती है। यही अतिरिक्त तेल रोमछिद्रों (pores) को बंद करता है, जिससे मुहांसे, ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स की समस्या हो जाती है।

इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

हार्मोनल बदलाव

अनुचित खान-पान

तनाव

अधिक स्किन प्रोडक्ट्स का प्रयोग

वंशानुगत प्रवृत्ति

ऑयली और पिंपल-प्रोन स्किन के लिए एक्सपर्ट केयर रूटीन

स्किन विशेषज्ञ डॉ. रिचा अग्रवाल बताती हैं, “ऑयली और एक्ने वाली त्वचा को ज्यादा स्किन प्रोडक्ट्स की नहीं, बल्कि सही रूटीन की ज़रूरत होती है। सादगी और नियमितता ही त्वचा की देखभाल का मूलमंत्र है।”

यहां जानिए उनकी सुझाई गई डेली स्किनकेयर रूटीन:

1. क्लिंजिंग (दिन में दो बार)

दिन में दो बार जेंटल, सल्फेट-फ्री और ऑयल-कंट्रोल फेसवॉश से चेहरा साफ करें। सुबह उठते ही और रात को सोने से पहले चेहरा धोना बेहद जरूरी है। सैलिसिलिक एसिड या टी ट्री ऑयल युक्त फेसवॉश एक्ने को कंट्रोल करने में सहायक होते हैं।

2. टोनिंग (त्वचा को संतुलित करें)

क्लिंजिंग के बाद टोनर का इस्तेमाल करें। एल्कोहल-फ्री टोनर त्वचा के पीएच लेवल को बनाए रखता है और रोमछिद्रों को टाइट करता है। गुलाब जल या विच हेज़ल जैसे नेचुरल टोनर बेहतर विकल्प हैं।

3. मॉइस्चराइज़िंग (हाइड्रेशन जरूरी है)

भले ही त्वचा ऑयली हो, लेकिन मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना जरूरी है। ऑयल-फ्री, नॉन-कॉमेडोजेनिक (जो रोमछिद्र बंद न करे) जेल-बेस्ड मॉइस्चराइज़र का उपयोग करें।

4. सनस्क्रीन लगाना न भूलें

ऑयली स्किन के लिए मैट फिनिश या जेल-बेस्ड सनस्क्रीन का चयन करें। एसपीएफ 30 या उससे अधिक वाले सनस्क्रीन धूप से त्वचा को सुरक्षित रखते हैं और डार्क स्पॉट्स से भी बचाते हैं।

5. हफ्ते में दो बार एक्सफोलिएशन

माइल्ड स्क्रब या केमिकल एक्सफोलिएंट (जैसे BHA) का इस्तेमाल करें, जिससे डेड स्किन हटे और पोर्स साफ रहें। ज़्यादा स्क्रबिंग से बचें क्योंकि इससे त्वचा पर सूजन और पिंपल्स बढ़ सकते हैं।

6. रात को लगाएं स्पॉट ट्रीटमेंट

जहां-जहां पिंपल्स हों, वहां सैलिसिलिक एसिड या बेंज़ोयल पेरॉक्साइड युक्त क्रीम या जेल लगाएं। यह सूजन कम करता है और बैक्टीरिया को मारता है।

कुछ अतिरिक्त सुझाव

तैलीय भोजन से बचें और हाइड्रेशन बनाए रखें (दिन में 8-10 गिलास पानी)।

तकिए का कवर हर 2-3 दिन में बदलें।

मेकअप करते समय नॉन-कॉमेडोजेनिक प्रोडक्ट्स का ही उपयोग करें।

फेस वाइप्स या टिश्यू पेपर से बार-बार चेहरा न पोछें, इससे पिंपल्स बढ़ सकते हैं।

स्ट्रेस को मैनेज करें – योग और मेडिटेशन लाभदायक हैं।

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