पीठ दर्द से परेशान? सिर्फ 5 मिनट करें ये आसन

आज की जीवनशैली में घंटों बैठकर काम करना, गलत पोश्चर, मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक इस्तेमाल — ये सभी आदतें न केवल शरीर को थका देती हैं, बल्कि कमर, पीठ और पैरों में दर्द की बड़ी वजह भी बनती हैं। खासकर ऑफिस जाने वाले लोगों और बुजुर्गों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सिर्फ एक योगासन को नियमित रूप से करने से इन समस्याओं में काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।

यह आसन है – पवनमुक्तासन (Pawanmuktasana), जिसे गैस और पेट संबंधी समस्याओं के लिए तो जाना ही जाता है, लेकिन यह रीढ़ की हड्डी और पैरों की मांसपेशियों को भी मजबूत करता है और दर्द से राहत देता है।

क्या है पवनमुक्तासन?

पवनमुक्तासन दो शब्दों से मिलकर बना है – पवन यानी वायु (गैस) और मुक्त यानी छुटकारा। इस आसन के अभ्यास से पेट की गैस, अपच, और कब्ज की समस्या में तो राहत मिलती ही है, साथ ही यह पीठ के निचले हिस्से और पैरों के तनाव को कम करता है। यह योगासन रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाता है और नसों पर से दबाव को कम करता है।

कैसे करता है पीठ और पैरों के दर्द में काम?

पवनमुक्तासन करते समय जब घुटनों को सीने से लगाया जाता है, तो इससे निचली पीठ की मांसपेशियों पर हल्का दबाव पड़ता है, जो उस क्षेत्र में रक्त प्रवाह को बढ़ाता है। इससे मांसपेशियों की जकड़न कम होती है और दर्द में राहत मिलती है।

यह आसन साइयाटिका (Sciatica) जैसे दर्द में भी असरकारक है क्योंकि यह नसों के दबाव को कम करता है।

पैरों के जोड़ों और मांसपेशियों में खिंचाव आने से होने वाला दर्द भी इससे कम किया जा सकता है।

कैसे करें पवनमुक्तासन?

पीठ के बल लेट जाएं।

दोनों पैरों को सीधा रखें और धीरे-धीरे एक पैर मोड़ें।

घुटने को छाती की ओर लाकर दोनों हाथों से पकड़ें।

सिर को उठाकर घुटने से मिलाने की कोशिश करें।

कुछ सेकंड रुकें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं।

यही प्रक्रिया दूसरे पैर और फिर दोनों पैरों के साथ करें।

3-5 बार दोहराएं।

यह अभ्यास खाली पेट और सुबह के समय करना सबसे लाभकारी होता है।

किसे नहीं करना चाहिए?

गंभीर कमर दर्द या हाल में कोई सर्जरी हुई हो

गर्भवती महिलाएं

हाई ब्लड प्रेशर या हर्निया के मरीज
योग विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही करें।

नियमित अभ्यास से मिलेंगे ये लाभ:

पीठ दर्द में राहत

पैरों की थकान और सूजन कम

पेट की गैस और कब्ज दूर

रीढ़ की हड्डी मजबूत

शरीर में लचीलापन और ऊर्जा का संचार

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