दांतों की सफाई और स्वास्थ्य के लिए रोजाना ब्रश करना बेहद जरूरी है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रश करते समय टूथपेस्ट की मात्रा पर ध्यान न देने से दांतों के इनेमल को नुकसान पहुँच सकता है। कई लोग यह सोचकर अधिक मात्रा में टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं कि इससे दांत ज्यादा सफेद और साफ होंगे, लेकिन यह धारणा बिल्कुल सही नहीं है।
दांतों के इनेमल की सुरक्षा क्यों जरूरी है
इनेमल दांत का सबसे बाहरी और कठोर हिस्सा है। यह दांतों को सुरक्षा, मजबूती और संवेदनशीलता से बचाने का काम करता है। यदि इनेमल कमजोर हो जाए, तो दांत जल्दी क्षतिग्रस्त होने लगते हैं, संवेदनशील हो जाते हैं और कीड़ा लगने का खतरा बढ़ जाता है।
एक सही ब्रशिंग का नियम
दंत विशेषज्ञों का मानना है कि बालों के आकार के अनुसार टूथपेस्ट की मात्रा निर्धारित करें।
बच्चों के लिए: मटर के दाने के बराबर मात्रा पर्याप्त है।
वयस्कों के लिए: लगभग 1-1.5 सेंटीमीटर की पट्टी पर्याप्त मानी जाती है।
अत्यधिक टूथपेस्ट का उपयोग न केवल इनेमल को घिसता है, बल्कि मसूड़ों में जलन और संवेदनशीलता भी बढ़ा सकता है।
अधिक टूथपेस्ट के नुकसान
इनेमल घिसना: तेज ब्रशिंग और ज्यादा टूथपेस्ट इनेमल को कमजोर कर देता है।
संवेदनशीलता बढ़ना: ठंडी-गरम चीजें खाने पर दांत दर्द देने लगते हैं।
मसूड़ों की जलन: फ्लोराइड और अन्य केमिकल्स ज्यादा होने पर मसूड़े सूज सकते हैं।
पाचन संबंधी समस्या: गलती से अधिक टूथपेस्ट निगलने पर पेट में असुविधा हो सकती है।
सही ब्रशिंग तकनीक
ब्रश को हल्का दबाकर गोल-गोल घुमाएं, ज़बरदस्ती न घिसें।
हर दिन दो बार ब्रश करें, सुबह और रात में।
ब्रश के साथ सही टूथपेस्ट का चयन भी महत्वपूर्ण है – संवेदनशील दांतों के लिए कम फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट बेहतर है।
ब्रश के बाद मुँह पानी से अच्छे से साफ करें, ताकि केमिकल्स दांतों पर लंबे समय तक न रहें।
विशेषज्ञों की सलाह
डेंटल प्रोफेशनल्स का कहना है कि संतुलित मात्रा और सही तकनीक से ही दांत लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं। अधिक टूथपेस्ट लगाने से सिर्फ सफाई नहीं बढ़ती, बल्कि दांत कमजोर हो सकते हैं।
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