क्या आपको दिन में 8-10 बार से ज्यादा पेशाब आता है? क्या रात में नींद टूटती है सिर्फ इसलिए क्योंकि बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है? अगर हां, तो इसे सिर्फ पानी ज्यादा पीने का नतीजा मानकर टालना ठीक नहीं है। बार-बार पेशाब आना (Frequent Urination) कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकता है।
डॉक्टरों का मानना है कि यदि यह समस्या नियमित हो और जीवनशैली में बदलाव के बावजूद भी बनी रहे, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच जरूरी है। क्योंकि यह एक नहीं बल्कि 9 अलग-अलग बीमारियों से जुड़ा संकेत हो सकता है।
किन बीमारियों का हो सकता है संकेत?
डायबिटीज (मधुमेह)
ब्लड शुगर स्तर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के माध्यम से बाहर निकालने की कोशिश करता है। यही कारण है कि डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों में बार-बार पेशाब आना शामिल होता है।
मूत्र tract infection (UTI)
महिलाओं में अधिक आम, इस संक्रमण में पेशाब करते समय जलन और बार-बार पेशाब आने की शिकायत होती है।
प्रोस्टेट बढ़ना (Enlarged Prostate)
पुरुषों में यह उम्र बढ़ने के साथ एक आम समस्या है। प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने से मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ता है और पेशाब रुक-रुक कर या बार-बार आता है।
ओवरएक्टिव ब्लैडर (OAB)
यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है जिसमें बार-बार पेशाब करने की तीव्र इच्छा होती है, भले ही ब्लैडर पूरी तरह भरा न हो।
गुर्दे की बीमारी (Kidney Disease)
गुर्दे यदि अपना कार्य सही से नहीं कर रहे, तो पेशाब की मात्रा और आवृत्ति में परिवर्तन आ सकता है।
डायबिटीज इन्सिपिडस
यह एक दुर्लभ हार्मोनल समस्या है, जिसमें शरीर अत्यधिक पेशाब बनाने लगता है, जिससे बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है।
गर्भावस्था (Pregnancy)
गर्भाशय के बढ़ने से मूत्राशय पर दबाव पड़ता है और पेशाब की आवृत्ति बढ़ जाती है।
मेडिकेशन का साइड इफेक्ट
कुछ दवाएं, जैसे डाइयूरेटिक्स (पेशाब बढ़ाने वाली), शरीर से फ्लूइड्स निकालती हैं और पेशाब बढ़ा सकती हैं।
तनाव और चिंता (Anxiety)
मानसिक तनाव का सीधा असर मूत्राशय की मांसपेशियों पर पड़ता है, जिससे बार-बार पेशाब की इच्छा होती है।
किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज?
पेशाब करते समय जलन या दर्द
रात में बार-बार उठकर पेशाब जाना
पेशाब में दुर्गंध या रंग बदलना
पेशाब रुक-रुक कर आना या बार-बार होने की तीव्र इच्छा
क्या करें?
पहले यूरीन टेस्ट और ब्लड शुगर की जांच कराएं
पानी पीना बंद न करें, लेकिन समय पर और संतुलित मात्रा में लें
कैफीन और शराब का सेवन सीमित करें
पेशाब रोकने की आदत से बचें
सही समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लें
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