आज के दौर में लैपटॉप पढ़ाई, ऑफिस वर्क और मनोरंजन का अहम जरिया बन चुका है। ऐसे में अगर लैपटॉप की बैटरी जल्दी खत्म होने लगे या बार-बार चार्ज करने की जरूरत पड़े, तो काम में बाधा आना तय है। हालांकि, कुछ आसान आदतें अपनाकर लैपटॉप की बैटरी लाइफ को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखा जा सकता है।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, लैपटॉप को हर समय 100 प्रतिशत चार्ज पर रखना बैटरी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। लिथियम-आयन बैटरियां लंबे समय तक फुल चार्ज रहने पर धीरे-धीरे अपनी क्षमता खोने लगती हैं। बेहतर यही है कि बैटरी को 20 से 80 प्रतिशत के बीच रखा जाए। इससे बैटरी की उम्र बढ़ती है और चार्ज जल्दी खत्म होने की समस्या कम होती है।
लैपटॉप की स्क्रीन ब्राइटनेस भी बैटरी खपत में बड़ी भूमिका निभाती है। जरूरत से ज्यादा ब्राइटनेस रखने पर बैटरी तेजी से खत्म होती है। काम के अनुसार ब्राइटनेस को मैन्युअली कम करना या ऑटो ब्राइटनेस फीचर का इस्तेमाल करना फायदेमंद साबित होता है।
इसके अलावा, बैकग्राउंड में चल रहे अनावश्यक ऐप्स और सॉफ्टवेयर भी बैटरी ड्रेन की बड़ी वजह बनते हैं। कई बार यूजर को पता भी नहीं चलता और बैकग्राउंड प्रोसेस लगातार बैटरी खपत करते रहते हैं। समय-समय पर टास्क मैनेजर या एक्टिविटी मॉनिटर की मदद से ऐसे ऐप्स को बंद करना जरूरी है।
चार्जिंग के दौरान लैपटॉप का ज्यादा गर्म होना भी बैटरी की सेहत पर असर डालता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लैपटॉप को चार्ज करते समय सॉफ्ट बेड, तकिया या कपड़े पर रखने से बचें। इससे वेंटिलेशन बाधित होता है और डिवाइस ज्यादा गर्म हो सकता है। हमेशा लैपटॉप को हार्ड और समतल सतह पर रखें।
बैटरी सेविंग मोड का इस्तेमाल करना भी एक आसान और असरदार तरीका है। विंडोज और मैक दोनों में बैटरी सेवर फीचर मौजूद होता है, जो बैकग्राउंड एक्टिविटी को सीमित कर बैटरी लाइफ बढ़ाने में मदद करता है। खासकर यात्रा या मीटिंग के दौरान यह फीचर काफी उपयोगी साबित होता है।
इसके अलावा, चार्जर और केबल की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है। लोकल या नकली चार्जर बैटरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हमेशा कंपनी द्वारा दिए गए या प्रमाणित चार्जर का ही इस्तेमाल करें।
लैपटॉप की बैटरी लंबे समय तक अच्छी बनी रहे, इसके लिए सॉफ्टवेयर अपडेट भी जरूरी हैं। अपडेट्स में अक्सर बैटरी परफॉर्मेंस को बेहतर करने वाले सुधार शामिल होते हैं।
थोड़ी-सी समझदारी और सही इस्तेमाल से न सिर्फ लैपटॉप की बैटरी लाइफ बढ़ाई जा सकती है, बल्कि बार-बार चार्जिंग की परेशानी से भी छुटकारा पाया जा सकता है।
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