हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) या हाइपरटेंशन आजकल बहुत आम समस्या बन गई है। हालांकि इसके लिए जीवनशैली और खान-पान को अक्सर जिम्मेदार माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार कुछ हार्मोन भी ब्लड प्रेशर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कौन सा हार्मोन है जिम्मेदार?
एंजियोटेंसिन II (Angiotensin II) हार्मोन हृदय और रक्त वाहिकाओं पर सीधा असर डालता है। यह हार्मोन रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है और ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है। इसके अतिरिक्त, एड्रेनालिन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन भी हाई बीपी के पीछे योगदान देते हैं।
हार्मोन कैसे बढ़ाते हैं ब्लड प्रेशर?
- रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना: एंजियोटेंसिन II और एड्रेनालिन रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देते हैं, जिससे दिल पर दबाव बढ़ता है।
- नमक और पानी का संतुलन बिगड़ना: यह हार्मोन किडनी में सोडियम और पानी की मात्रा को प्रभावित करते हैं, जिससे ब्लड वॉल्यूम बढ़ता है।
- दिल की धड़कन तेज होना: स्ट्रेस हार्मोन हार्ट रेट बढ़ाकर बीपी को ऊपर ले जाते हैं।
हाई बीपी से बचाव और नियंत्रण
- स्वस्थ डाइट: कम नमक, अधिक फल और सब्ज़ियों वाला आहार।
- नियमित व्यायाम: कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद।
- तनाव प्रबंधन: योग, मेडिटेशन और डीप ब्रेथिंग स्ट्रेस हार्मोन को नियंत्रित करते हैं।
- नियमित जांच: ब्लड प्रेशर और हार्मोन स्तर समय-समय पर जांचवाएं।
- डॉक्टर की सलाह: यदि हार्मोन असंतुलित हैं तो डॉक्टर दवा या थेरेपी की सलाह दे सकते हैं।
हाई बीपी सिर्फ उम्र या जीवनशैली की वजह से नहीं बढ़ता, हार्मोनल असंतुलन भी इसके पीछे बड़ी भूमिका निभाता है। सही समय पर जांच और नियंत्रित जीवनशैली से इसे रोका जा सकता है और दिल को स्वस्थ रखा जा सकता है।
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