इन दिनों हार्ट डिजीज एक सामान्य समस्या बन चुकी है। इस समस्या में दिल की धड़कनें असामान्य होती हैं, जो ऊपर से नीचे की ओर जाती हैं और अगर स्थिति गंभीर हो जाए तो हार्ट अटैक भी आ सकता है। कई बार दिल की धड़कन धीरे-धीरे कम होती है और फिर अचानक बंद हो जाती है। दरअसल, हार्ट ब्लॉकेज में दिल को सही से ब्लड सप्लाई नहीं हो पाती, जो आर्टिरीज में प्लाक जमने से होता है। यह प्लाक बैड कोलेस्ट्रॉल होता है। बैड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता। हार्ट ब्लॉकेज पोटेशियम के बढ़ने से भी हो सकता है। आइए जानते हैं, किन्हें ज्यादा रिस्क रहता है।
इन लोगों को है ज्यादा रिस्क
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हृदय और ब्लड वेसल्स कमजोर हो जाते हैं, जिससे हार्ट ब्लॉकेज का खतरा बढ़ सकता है। खासकर 40 से 50 साल के लोग इस खतरे में आते हैं। जिन लोगों का खून गाढ़ा होता है, उन्हें भी हार्ट ब्लॉकेज का जोखिम ज्यादा होता है। इस स्थिति में अक्सर रात के समय यह समस्या बढ़ जाती है, जिससे डेथ रेट भी ज्यादा हो सकता है।
हार्ट ब्लॉकेज के संकेत
छाती में दर्द महसूस होना।
बहुत अधिक थकान महसूस होना।
सांस लेने में कठिनाई होना।
दिल की धड़कनों का अचानक बढ़ना।
तेजी से सांस लेना।
जी मिचलाना या घबराहट होना।
चक्कर आना और बेहोशी।
हार्ट ब्लॉकेज से बचाव के लिए जूस
अगर आपकी उम्र 40 साल से ऊपर है, तो आपको यह जूस जरूर पीना चाहिए ताकि आप ब्लॉकेज की समस्या से बच सकें। इसे बनाने के लिए आपको निम्नलिखित सामग्री की जरूरत होगी:
अदरक का रस
नींबू का रस
लहसुन का रस
जैतून का सिरका
इन सभी चीजों को 1 लीटर मात्रा में निकालें और फिर इसमें 1 लीटर सिरका मिलाएं। इस मिश्रण से कुल 4 लीटर जूस तैयार होगा। आपको इसे रोजाना पीना होगा। खासतौर पर सुबह के समय पीने से इसका ज्यादा लाभ मिलेगा।
और क्या करें?
हार्ट ब्लॉकेज से बचने के लिए केवल जूस ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य आदतें भी अपनानी चाहिए:
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
धूम्रपान से बचें।
शारीरिक गतिविधियां नियमित रूप से करें।
पर्याप्त नींद लें।
तनाव से बचें।
इन साधारण आदतों को अपनाकर आप अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं और हार्ट ब्लॉकेज से बच सकते हैं।
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