आज के दौर में मोटापा और पेट की चर्बी एक आम समस्या बन चुकी है। अधिकतर लोग अपनी दिनचर्या और खान-पान के कारण पेट की अतिरिक्त चर्बी से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पेट की चर्बी को कम करने के लिए सिर्फ डाइटिंग पर्याप्त नहीं, बल्कि सही प्रकार की एक्सरसाइज भी बेहद जरूरी है। हाल ही में फिटनेस विशेषज्ञों ने एक ऐसी एक्सरसाइज के बारे में बताया है, जो पेट की चर्बी को तेजी से घटाने में मदद करती है।
इस एक्सरसाइज को नियमित रूप से करने से मोटापा नियंत्रित होता है और पेट की चर्बी धीरे-धीरे घटती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यायाम पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और शरीर के मेटाबोलिज़्म को तेज करता है। मेटाबोलिज़्म की बढ़ती गति से कैलोरी बर्न होती है, जिससे अतिरिक्त वजन कम करना आसान हो जाता है।
इस एक्सरसाइज की विधि सरल है। इसे करने के लिए रोजाना 15 से 20 मिनट का समय पर्याप्त है। शुरुआत में हल्की स्ट्रेचिंग और वार्म-अप करना आवश्यक है ताकि मांसपेशियों को चोट न लगे। इसके बाद पेट की चर्बी कम करने वाली मुख्य एक्सरसाइज की जा सकती है, जिसमें पेट के निचले हिस्से और कोर मसल्स पर खास ध्यान दिया जाता है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि इस व्यायाम को सुबह खाली पेट या हल्के नाश्ते के 1 घंटे बाद करना सबसे फायदेमंद होता है। ऐसा करने से शरीर की ऊर्जा का सही उपयोग होता है और फैट बर्निंग प्रक्रिया प्रभावी बनती है। साथ ही, इस एक्सरसाइज के साथ संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।
डायटीशियन का कहना है कि केवल व्यायाम से ही पेट की चर्बी पूरी तरह से नहीं घटाई जा सकती। इसके साथ प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन लेना जरूरी है। उच्च कैलोरी वाले और तैलीय खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि इस एक्सरसाइज को लगातार करने से पेट की चर्बी घटने के साथ-साथ एब्स मसल्स मजबूत होती हैं और शरीर की मुद्रा भी सुधरती है।
फिटनेस ट्रेनर्स के अनुसार, यह एक्सरसाइज विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो लंबे समय तक बैठने वाले काम करते हैं। लंबे समय तक बैठने से पेट की चर्बी बढ़ने की संभावना अधिक होती है। इस व्यायाम के नियमित अभ्यास से मेटाबोलिज़्म बढ़ता है और शरीर की कैलोरी बर्निंग क्षमता में सुधार आता है।
इस प्रकार, पेट की अतिरिक्त चर्बी घटाने और मोटापा नियंत्रित करने के लिए यह एक्सरसाइज एक असरदार तरीका है। विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि इसे सप्ताह में कम से कम 5 दिन नियमित रूप से किया जाए। इसके साथ संतुलित आहार और पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है।
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