डिजिटल युग में स्मार्टफोन हर घर में आम हो गया है, लेकिन बच्चों को यह उपकरण देना माता-पिता के लिए एक चुनौती बनता जा रहा है। हाल ही में किए गए एक अध्ययन में स्पष्ट किया गया है कि छोटे बच्चों को समय से पहले स्मार्टफोन देने से कई मानसिक, शारीरिक और सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि उनके विकास पर भी गहरा प्रभाव डालता है।
अध्ययन में पाया गया कि बच्चों में अत्यधिक स्क्रीन टाइम से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। पढ़ाई या खेल-कूद में उनका ध्यान जल्दी भटकता है और सीखने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रभाव विशेष रूप से 8–12 साल के बच्चों में देखा गया, जो तकनीक की शुरुआती उम्र में अत्यधिक डिजिटल उपकरणों के संपर्क में आते हैं।
इसके साथ ही नींद की कमी भी एक बड़ा खतरा है। स्मार्टफोन पर देर तक गेम खेलना या वीडियो देखना नींद के प्राकृतिक चक्र को प्रभावित करता है। नींद पूरी न होने से बच्चों में मानसिक थकान, मूड स्विंग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शोध में यह भी सामने आया कि लगातार नींद की कमी से उनकी शारीरिक वृद्धि पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
अध्ययन के अनुसार, स्मार्टफोन का समय से पहले उपयोग बच्चों के सामाजिक कौशल पर भी असर डालता है। डिजिटल इंटरैक्शन के कारण बच्चे अक्सर वास्तविक दुनिया में लोगों से संवाद करने में हिचकिचाते हैं। खेल और समूह गतिविधियों में उनकी भागीदारी कम हो जाती है, जिससे टीम वर्क और सामाजिक समझ विकसित नहीं हो पाती।
इसके अलावा, साइबर सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य भी चिंता का विषय बन रहे हैं। छोटे बच्चे अक्सर ऑनलाइन कंटेंट का सही मूल्यांकन नहीं कर पाते और फर्जी लिंक, अश्लील या हिंसक सामग्री के संपर्क में आ जाते हैं। इससे डर, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि माता-पिता को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और केवल सुरक्षित एप्स और गेम्स की अनुमति देनी चाहिए।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि बच्चों को स्मार्टफोन देने से पहले उन्हें समय सीमा और उपयोग के नियम बताना आवश्यक है। प्रारंभ में, सीमित समय पर ही डिजिटल उपकरण का उपयोग करने दें और स्क्रीन टाइम को धीरे-धीरे बढ़ाएं। इसके साथ ही, ऑफ़लाइन खेल, पढ़ाई और परिवार के साथ समय बिताना भी बच्चों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
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