बरसात के मौसम में डेंगू का प्रकोप हर वर्ष एक नई चुनौती बनकर सामने आता है। मच्छरों से फैलने वाली इस बीमारी को लेकर आम लोगों के बीच भ्रम और डर दोनों व्याप्त हैं। कई बार इसके शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लगते हैं, जिससे लोग समय पर उपचार नहीं ले पाते। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि डेंगू के कुछ ऐसे मुख्य लक्षण हैं, जो लगभग हर मरीज़ में एक जैसे दिखाई देते हैं — जिन्हें पहचानकर समय रहते इलाज संभव है।
इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि डेंगू के कौन से तीन प्रमुख लक्षण ऐसे हैं, जो हर संक्रमित व्यक्ति में देखे जाते हैं, और साथ ही यह भी कि इन लक्षणों को कैसे गंभीर स्थिति में पहुंचने से पहले पहचानें।
1. तेज़ बुखार जो अचानक आता है
डेंगू का सबसे पहला और प्रमुख लक्षण है – अचानक तेज़ बुखार। यह बुखार सामान्य फ्लू या वायरल फीवर से अलग होता है। शरीर का तापमान 102 से 104 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच सकता है, और यह बुखार अक्सर ठंडी कंपकंपी के साथ शुरू होता है।
डॉ. बताते हैं, “डेंगू बुखार अक्सर अचानक तेज़ी से आता है और इसके साथ शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस होती है। यदि बुखार दो दिन से अधिक बना रहे, तो तुरंत ब्लड टेस्ट कराना चाहिए।”
2. तीव्र सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द
डेंगू के मरीज़ों में दूसरा आम और विशिष्ट लक्षण है – तेज सिरदर्द, विशेषकर आंखों के पीछे दर्द। यह दर्द लगातार बना रहता है और सामान्य पेनकिलर से राहत नहीं देता।
यह लक्षण डेंगू को सामान्य वायरल से अलग करता है। कुछ मामलों में आंखों को घुमाने या तेज़ रोशनी में देखने से भी दर्द और असहजता बढ़ती है।
3. मांसपेशियों और जोड़ों में असहनीय दर्द
डेंगू को अक्सर “ब्रेकबोन फीवर” कहा जाता है, जिसका कारण है – इसमें होने वाला हड्डियों व मांसपेशियों का दर्द। मरीजों को लगता है कि जैसे उनकी हड्डियाँ टूट रही हों। पीठ, पैरों, और शरीर के अन्य हिस्सों में होने वाला यह दर्द बहुत ही तीव्र होता है और दिन-ब-दिन बढ़ सकता है।
डॉ. कहती हैं, “अगर बुखार के साथ शरीर में बहुत अधिक दर्द हो, विशेषकर हड्डियों और मांसपेशियों में, तो यह डेंगू का क्लासिक लक्षण हो सकता है। इसे हल्के में न लें।”
अन्य लक्षण जो कभी-कभी दिखाई देते हैं
हालाँकि ऊपर बताए गए तीन लक्षण अधिकांश मरीजों में देखे जाते हैं, लेकिन इसके अलावा भी कुछ लक्षण हैं, जो डेंगू की पहचान में सहायक हो सकते हैं:
थकान और कमजोरी,
त्वचा पर लाल चकत्ते या रैश,
मतली या उल्टी,
खून का बहना (नकसीर या मसूड़ों से) — विशेषकर डेंगू हेमोरेजिक फीवर में,
प्लेटलेट काउंट में गिरावट — जो गंभीर डेंगू की ओर इशारा करता है।
डेंगू से बचाव के उपाय
आसपास पानी जमा न होने दें,
मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें,
पूरी बांह के कपड़े पहनें,
सुबह और शाम मच्छर रोधी दवा का छिड़काव करें,
बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और सेल्फ-मेडिकेशन न करें।
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