सर्वाइकल कैंसर आज भारत में महिलाओं की मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है, और चौंकाने वाली बात यह है कि इसके 80% मामले उन घरेलू महिलाओं में मिल रहे हैं जो बाहर की दुनिया से कम जुड़ती हैं। AIIMS, टाटा मेमोरियल और ICMR की ताजा स्टडी में खुलासा हुआ है कि घर में रहकर की जाने वाली कुछ आम आदतें ही इस घातक बीमारी को न्योता दे रही हैं। डॉक्टर्स ने साफ चेतावनी दी है – अगर अभी नहीं संभले तो अगले 10 साल में सर्वाइकल कैंसर के मामले 50% तक बढ़ सकते हैं।
ये 7 घरेलू आदतें बन रही हैं कालतक
लंबे समय तक बैठे रहना
घरेलू कामों में घंटों कुर्सी या फर्श पर बैठकर सब्जी काटना, बर्तन मांजना या सिलाई करना – इससे पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है और HPV वायरस (सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण) आसानी से हमला कर देता है।
सैनिटरी पैड 8-10 घंटे तक नहीं बदलना
कई महिलाएं घर में होने के कारण एक ही पैड दिन भर इस्तेमाल करती हैं। इससे बैक्टीरिया और फंगस पनपते हैं, जो योनि से गर्भाशय ग्रीवा तक इन्फेक्शन पहुंचा देते हैं।
गर्म पानी से नहाना और साबुन का ज्यादा इस्तेमाल
बार-बार गुप्तांगों को डेटॉल-लाइफबॉय जैसे साबुन से धोना योनि का नैचुरल pH बैलेंस बिगाड़ देता है, जिससे HPV वायरस को बढ़ने का मौका मिलता है।
तली-भुनी और मसालेदार चीजें रोज खाना
घर में बनी पूरी, पराठा, पकौड़े, अचार और चटनी का ज्यादा सेवन इम्यूनिटी को कमजोर करता है। स्टडी में पाया गया कि जो महिलाएं हफ्ते में 5 दिन से ज्यादा तला हुआ खाती हैं, उनमें सर्वाइकल कैंसर का खतरा 42% ज्यादा है।
धुएं वाली रसोई में घंटों खाना बनाना
लकड़ी-कोयले या खराब चिमनी वाली गैस पर खाना बनाने से निकलने वाला धुआं फेफड़ों के साथ-साथ गर्भाशय तक पहुंचता है। WHO इसे “साइलेंट किलर” कहता है
तनाव और नींद की कमी
घर-परिवार की जिम्मेदारियों में महिलाएं 5-6 घंटे से कम सोती हैं और तनाव लेती हैं। इससे इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ता है और HPV वायरस सक्रिय हो जाता है।
HPV वैक्सीन और नियमित जांच से परहेज
ज्यादातर घरेलू महिलाएं शर्म या अनजानेपन में 30-50 साल की उम्र में भी पैप स्मीयर टेस्ट या HPV वैक्सीन नहीं लेतीं।
डॉक्टर्स ने दी सख्त सलाह
सीनियर गायनाकॉलजिस्ट डॉ. कहती हैं, “70% मरीजें ग्रामीण और छोटे शहरों की गृहिणियां हैं जो कभी डॉक्टर के पास नहीं गईं। 9-45 साल की हर लड़की-महिला को HPV वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। यह 95% तक सर्वाइकल कैंसर रोकती है।”
ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. ने कहा, “लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव ही काफी हैं – हर 3-4 घंटे में पैड बदलें, खड़े होकर काम करें, हरी सब्जियां खाएं, धुएं से बचें और साल में एक बार पैप स्मीयर जरूर करवाएं।”
सरकार ने भी अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय अगले साल से हर PHC पर फ्री HPV वैक्सीनेशन और स्क्रीनिंग कैंप शुरू करने जा रहा है।
महिलाओं, अब समय है जागने का। घर संभालते हुए अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें। एक छोटा कदम आज – सर्वाइकल कैंसर से मुक्ति कल!
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