क्या आपको दिनभर थकान महसूस होती है? या जरा-सी मेहनत में ही सांस फूलने लगती है? हो सकता है कि ये लक्षण हीमोग्लोबिन की कमी (Low Hemoglobin) की ओर इशारा कर रहे हों। हीमोग्लोबिन शरीर में ऑक्सीजन को कोशिकाओं तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण प्रोटीन होता है, जिसकी कमी कई गंभीर समस्याओं की जड़ बन सकती है।
भारत में खासकर महिलाओं और बच्चों में हीमोग्लोबिन की कमी तेजी से बढ़ रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 60% से अधिक महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं, जिसका मुख्य कारण हीमोग्लोबिन की कमी है।
आइए जानते हैं कि शरीर में कितना हीमोग्लोबिन होना ज़रूरी है, इसके घटने पर कौन से लक्षण दिखाई देते हैं और कैसे इस समस्या से बचा जा सकता है।
शरीर में कितना हीमोग्लोबिन होना चाहिए?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार:
पुरुषों में: 13.5 से 17.5 ग्राम/डेसीलीटर
महिलाओं में: 12.0 से 15.5 ग्राम/डेसीलीटर
गर्भवती महिलाओं में: 11 ग्राम/डेसीलीटर से कम नहीं होना चाहिए
बच्चों में (6 माह–5 वर्ष): कम से कम 11 ग्राम/डेसीलीटर
हीमोग्लोबिन कम होने के 5 साफ संकेत
1. लगातार थकान महसूस होना
जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो ऊर्जा का स्तर घट जाता है और व्यक्ति को सामान्य काम में भी थकान होने लगती है।
2. सांस फूलना और चक्कर आना
हीमोग्लोबिन कम होने पर फेफड़े शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करते हैं, जिससे सांस फूलने और चक्कर आने की शिकायत हो सकती है।
3. चेहरे पर पीला या फीका रंग
खून की कमी के कारण त्वचा और होंठों का रंग पीला या सफेद पड़ने लगता है, जो एक प्रमुख संकेत है।
4. हाथ-पैरों में ठंडक और झुनझुनी
ऑक्सीजन की कमी से नसों और मांसपेशियों में रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है, जिससे हाथ-पैर सुन्न, ठंडे या झनझनाने लगते हैं।
5. दिल की धड़कन तेज होना
कम हीमोग्लोबिन की भरपाई के लिए दिल को तेज़ी से काम करना पड़ता है, जिससे हृदयगति बढ़ जाती है।
कैसे बढ़ाएं हीमोग्लोबिन?
हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए आहार में ऐसे तत्व शामिल करना जरूरी है जो आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन B12 और C से भरपूर हों।
1. आयरन युक्त खाद्य पदार्थ:
हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी)
चुकंदर, अनार, गुड़
बीन्स, दालें और ड्रायफ्रूट्स (खजूर, किशमिश)
2. फोलिक एसिड और B12 स्रोत:
अंडे, दूध, दही
साबुत अनाज
अंकुरित अनाज
3. विटामिन C:
विटामिन C आयरन के अवशोषण में मदद करता है। इसके लिए संतरा, आंवला, नींबू, टमाटर का सेवन करें।
4. आयरन सप्लीमेंट्स:
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आयरन की दवा या टॉनिक लिया जा सकता है।
“हीमोग्लोबिन की कमी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। यह सिर्फ थकान ही नहीं, बल्कि दिल, मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। नियमित जांच और संतुलित आहार आवश्यक है।”
किन्हें सबसे ज्यादा खतरा?
गर्भवती महिलाएं
किशोर लड़कियां
बार-बार डाइटिंग करने वाले युवा
बुजुर्ग
लंबे समय से बीमार लोग
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