हमारे शरीर के लिए नींद (Sleep) सिर्फ आराम का जरिया नहीं है, बल्कि यह दिल और पूरे कार्डियोवस्कुलर सिस्टम की सेहत के लिए भी बेहद जरूरी है। रिसर्च बताती है कि कम सोना (Sleep Deprivation) हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
अगर आप अक्सर रात में 6 घंटे से कम सोते हैं, तो यह आपके हार्ट के लिए खतरे की घंटी हो सकती है।
नींद और हार्ट सेहत के बीच कनेक्शन
1. ब्लड प्रेशर बढ़ता है
- नींद पूरी न होने पर शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (कॉर्टिसोल) का स्तर बढ़ जाता है।
- इससे ब्लड प्रेशर हाई रहता है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है।
2. हार्ट रिदम पर असर
- कम नींद से हार्ट की बीटिंग और रिदम असंतुलित हो सकता है।
- यह हार्ट फंक्शन और ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है।
3. इम्यूनिटी और इंफ्लेमेशन
- नींद की कमी से शरीर में इंफ्लेमेटरी मार्कर्स बढ़ते हैं।
- यह हार्ट को नुकसान पहुंचाने वाले एथेरोस्क्लेरोसिस (artery blockage) का कारण बन सकते हैं।
4. ब्लड शुगर और मेटाबोलिक प्रॉब्लम
- कम नींद से ब्लड शुगर नियंत्रण कमजोर होता है।
- डायबिटीज और हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ जाता है।
हार्ट के लिए कितनी नींद जरूरी है?
- वयस्कों के लिए: 7–9 घंटे
- बच्चों और किशोरों के लिए: 8–10 घंटे
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए: 7–8 घंटे
पर्याप्त और गुणवत्ता वाली नींद हार्ट को मजबूत और शरीर को स्वस्थ बनाए रखती है।
नींद सुधारने के टिप्स
- स्लीप रूटीन बनाएं – हर रोज एक ही समय पर सोएं और जागें।
- स्क्रीन टाइम कम करें – सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल, टीवी और लैपटॉप से दूरी बनाएँ।
- कैफीन और अल्कोहल से बचें – सोने से पहले इनका सेवन हार्ट और नींद दोनों पर असर डालता है।
- हल्की एक्सरसाइज – योग और वॉक नींद में सुधार लाने में मदद करते हैं।
- स्लीप फ्रेंडली वातावरण – कमरे का अंधेरा, शांति और उचित तापमान रखें।
नींद केवल आराम नहीं, बल्कि हार्ट हेल्थ का स्ट्रॉन्ग फैक्टर है। कम सोना न केवल थकान और तनाव बढ़ाता है, बल्कि हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा भी बढ़ाता है।
रोजाना पर्याप्त नींद लें और अपने हार्ट को सुरक्षित रखें।
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