UP में अपराधियों की कुंडली खोलेगा ‘यक्ष ऐप’, एक क्लिक में मिलेगी पूरी क्राइम हिस्ट्री

उत्तर प्रदेश में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अब टेक्नोलॉजी का सहारा और मजबूती से लेने जा रही है। राज्य में जल्द ही ‘यक्ष ऐप’ को पूरी तरह लागू किया जाएगा, जिसके जरिए अपराधियों की पहचान, निगरानी और उनकी पूरी क्राइम हिस्ट्री एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इस ऐप को यूपी पुलिस की डिजिटल रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

यक्ष ऐप का मुख्य उद्देश्य पुलिस के फील्ड स्तर के काम को तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। अब किसी संदिग्ध या अपराधी की पहचान के लिए अलग-अलग थानों और रिकॉर्ड खंगालने की जरूरत नहीं होगी। पुलिसकर्मी मोबाइल या टैबलेट पर ऐप खोलते ही संबंधित व्यक्ति का नाम, फोटो, आपराधिक रिकॉर्ड, दर्ज मुकदमे और गतिविधियों का पूरा ब्योरा देख सकेंगे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यक्ष ऐप को राज्य के सभी थानों के डेटाबेस से जोड़ा जा रहा है। इसका मतलब यह है कि कोई अपराधी अगर एक जिले में सक्रिय रहा है और दूसरे जिले में पकड़ा जाता है, तो उसकी पूरी हिस्ट्री तुरंत सामने आ जाएगी। इससे अपराधियों के नेटवर्क और उनके पुराने रिकॉर्ड को समझना आसान होगा।

इस ऐप की एक बड़ी खासियत यह भी है कि इसमें रियल-टाइम अपडेट की सुविधा होगी। जैसे ही किसी अपराधी के खिलाफ नया मामला दर्ज होगा, उसकी जानकारी तुरंत ऐप में अपडेट हो जाएगी। इससे पुलिस को अपराध की प्रवृत्ति, आदतन अपराधियों और गैंग एक्टिविटी पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

यक्ष ऐप में डेटा एनालिटिक्स और सर्च फीचर को भी शामिल किया गया है। पुलिस अधिकारी नाम, मोबाइल नंबर, फोटो या अन्य पहचान के आधार पर सर्च कर सकते हैं। इससे संदिग्धों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज हो जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऐप यूपी पुलिस को प्रिडिक्टिव पुलिसिंग की दिशा में भी आगे ले जाएगा। यानी अपराध होने से पहले ही संभावित अपराधियों और इलाकों की पहचान की जा सकेगी। इससे कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी मदद मिलेगी।

राज्य सरकार का कहना है कि यक्ष ऐप से न केवल अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी, बल्कि आम जनता का पुलिस पर भरोसा भी बढ़ेगा। तकनीक आधारित इस पहल से पुलिसिंग अधिक जवाबदेह और आधुनिक बनेगी।

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