गाज़ा, 12 फरवरी 2025: इजरायल और हमास के बीच संघर्ष एक बार फिर भड़कने की कगार पर है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर शनिवार दोपहर तक और अधिक बंधकों को रिहा नहीं किया गया तो इजरायल फिर से युद्ध छेड़ देगा। यह धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस बयानबाज़ी के ठीक बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर हमास ने इजरायली बंधकों की रिहाई में बाधा डाली तो उसे “नरक” भुगतना पड़ेगा।
हालांकि, फिलिस्तीनी संगठन हमास ने दोहराया है कि वह युद्धविराम समझौते के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी देरी या जटिलता के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
🛡️ इजरायल की नई युद्ध रणनीति तैयार
टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना की दक्षिणी कमान ने युद्धविराम असफल होने की स्थिति में गाज़ा पट्टी के लिए नई युद्ध योजनाओं को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सेना को गाज़ा के आसपास सैनिकों की तैनाती के आदेश दे दिए हैं।
11 फरवरी की शाम से ही कई ब्रिगेड और विशेष बलों को रणनीतिक ठिकानों पर तैनात किया जा चुका है। साथ ही गाज़ा में संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए अतिरिक्त डिवीज़नों को भी तैयार रखा गया है।
🌍 अमेरिका की गाज़ा योजना और अरब देशों की नाराज़गी
अमेरिका की एक नई योजना के तहत गाज़ा के फिलिस्तीनी नागरिकों को अन्य देशों में बसाने का प्रस्ताव है, ताकि उस क्षेत्र को विकसित कर उसे “मध्य पूर्व का रिवेरा” बनाया जा सके। लेकिन इस प्रस्ताव ने अरब जगत में तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं।
जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने व्हाइट हाउस में बयान देते हुए कहा:
“फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन का हम कड़ा विरोध करते हैं। यह पूरा अरब जगत की एकजुट राय है।”
राजा अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि पुनर्निर्माण तभी सार्थक होगा जब फिलिस्तीनी अपनी ही भूमि पर सुरक्षित रहेंगे।
वहीं, मिस्र के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी करते हुए साफ किया है कि वह गाज़ा के पुनर्निर्माण के लिए एक ऐसी योजना पेश करेगा जिसमें फिलिस्तीनियों के विस्थापन की कोई जगह नहीं होगी। मिस्र ने इस बात पर जोर दिया कि फिलिस्तीनियों की भूमि पर उनके अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है।
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