टेक बाजार में महंगाई की मार, स्मार्टफोन की कीमतें फिर चढ़ीं

अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। मोबाइल बाजार से जुड़ी ताजा जानकारी के मुताबिक, आने वाले समय में फोन खरीदने के लिए ग्राहकों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। खास बात यह है कि इस बार सिर्फ प्रीमियम या मिड-रेंज फोन ही नहीं, बल्कि सस्ते और बजट स्मार्टफोन की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है।

मोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों के अनुसार, कई बड़ी कंपनियों ने अपने एंट्री लेवल और बजट सेगमेंट के स्मार्टफोन के दाम बढ़ा दिए हैं। कुछ मॉडलों की कीमतों में सीधे इजाफा किया गया है, जबकि कुछ फोन पहले मिलने वाले डिस्काउंट के बिना ही बेचे जा रहे हैं। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ रहा है, जो कम बजट में नया फोन खरीदने की सोच रहे थे।

कीमतें बढ़ने के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। सबसे बड़ा कारण कच्चे माल और कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत है। चिपसेट, डिस्प्ले, बैटरी और कैमरा मॉड्यूल जैसे जरूरी पार्ट्स पहले के मुकाबले महंगे हो गए हैं। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में भी इजाफा हुआ है, जिसका बोझ आखिरकार ग्राहकों पर डाला जा रहा है।

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि रुपये में उतार-चढ़ाव और आयात से जुड़े खर्च भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। चूंकि स्मार्टफोन के कई अहम पार्ट्स विदेशों से मंगाए जाते हैं, ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति का सीधा असर फोन की लागत पर पड़ता है।

दिलचस्प बात यह है कि पहले जिन स्मार्टफोन को “बजट फोन” माना जाता था, उनकी कीमतें अब धीरे-धीरे मिड-रेंज सेगमेंट की ओर बढ़ती दिख रही हैं। 8 से 10 हजार रुपये में मिलने वाले फोन अब 12 हजार रुपये या उससे ज्यादा में पहुंच गए हैं। इससे पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों और ग्रामीण इलाकों के यूजर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

हालांकि कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी के साथ यह भी दावा कर रही हैं कि वे बेहतर फीचर्स दे रही हैं। ज्यादा रैम, स्टोरेज, बड़े डिस्प्ले और बेहतर कैमरा जैसी सुविधाएं अब बजट फोन में भी मिलने लगी हैं। बावजूद इसके, महंगाई का असर आम उपभोक्ता की जेब पर साफ नजर आ रहा है।

विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले महीनों में भी कीमतों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम है। त्योहारों के दौरान ऑफर्स और बैंक डिस्काउंट से जरूर थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन कुल मिलाकर स्मार्टफोन अब पहले जितने सस्ते नहीं रह गए हैं।

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