केरल की नीलांबुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले सियासी हलचल तेज़ हो गई है। पूर्व विधायक पीवी अनवर, जिन्होंने इसी साल जनवरी में इस सीट से इस्तीफा दिया था और दोबारा चुनाव न लड़ने की घोषणा की थी, अब फिर से मैदान में हैं — इस बार तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में।
यह निर्णय कई राजनीतिक दलों और नेताओं को चौंका रहा है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है।
🗳 क्या कहा था अनवर ने इस्तीफे के वक्त?
जनवरी 2025 में पीवी अनवर ने एलडीएफ विधायक पद से इस्तीफा देते हुए यह साफ किया था कि वे नीलांबुर उपचुनाव नहीं लड़ेंगे और कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।
लेकिन अब टीएमसी के टिकट पर उन्हीं के मैदान में उतरने को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह फैसला जनता और लोकतंत्र के साथ छल है?
⚠ कांग्रेस और एलडीएफ का हमला
कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने तीखा हमला करते हुए कहा —
“भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि एक विधायक, जिसने खुद इस्तीफा दिया था, अब फिर से उसी सीट से उपचुनाव लड़ रहा है।
यह चुनाव आयोग, जनता और राज्य के संसाधनों की बर्बादी है।”
वहीं, एलडीएफ उम्मीदवार एम. स्वराज ने कहा कि –
“पीवी अनवर ने पिछले 9 सालों में कुछ खास काम नहीं किया।
वे पहले एलडीएफ के साथ थे, अब पार्टी बदल ली है। जनता इस बार उन्हें नकार देगी।”
💬 अनवर का पक्ष
उम्मीदवारी घोषित होने के बाद पीवी अनवर ने कहा –
“मेरे पास चुनाव लड़ने के लिए करोड़ों नहीं हैं, लेकिन मेरे कार्यकर्ता 500-1000 रुपये लेकर आए और मुझसे चुनाव लड़ने की अपील की।
मैं जनता के आग्रह पर मैदान में हूं।”
🔥 पहले भी विवादों में रहे हैं अनवर
यह पहली बार नहीं है कि पीवी अनवर चर्चा में आए हों।
अक्टूबर 2024 में उन्होंने दावा किया था कि वे केरल में खुद का राजनीतिक दल बनाकर सभी चुनाव लड़ेंगे।
साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के राजनीतिक सचिव पी. शशि और एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एम.आर. अजित कुमार पर गंभीर आरोप भी लगाए थे।
🗓 नीलांबुर में कब है मतदान?
भारत निर्वाचन आयोग ने 25 मई को ऐलान किया था कि केरल, गुजरात, पंजाब और पश्चिम बंगाल की 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे।
इनमें से नीलांबुर में 19 जून को वोटिंग और 23 जून को नतीजों की घोषणा होगी।
यह भी पढ़ें:
पेशाब में जलन या दर्द? इसे न करें नज़रअंदाज़, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियाँ
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check