रोटी-सब्ज़ी में भी छुपा है ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा, जानिए कैसे बचें

डायबिटीज़ यानी मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो सीधे हमारे खान-पान से जुड़ी है। आम धारणा यह है कि मीठा या चीनी युक्त खाद्य पदार्थ ही ब्लड शुगर बढ़ाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सादा रोटी-सब्ज़ी खाना भी कभी-कभी शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है? विशेषज्ञों की मानें तो हां, कुछ स्थितियों में ऐसा संभव है। इसलिए, डायबिटीज़ के मरीजों को ‘क्या खाना है’ के साथ-साथ ‘कैसे खाना है’ इस पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

क्यों बढ़ सकता है शुगर रोटी-सब्ज़ी खाने से?

रोटी में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट होता है, जो पाचन के दौरान ग्लूकोज में बदल जाता है। अगर रोटी की मात्रा अधिक हो या साथ में ज्यादा आलू, मटर, गाजर जैसी हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाली सब्ज़ियां हों, तो यह ब्लड शुगर को अचानक बढ़ा सकती हैं।

उदाहरण के लिए, अगर कोई डायबिटिक मरीज रात के खाने में 3-4 रोटियां और आलू की सब्ज़ी खा ले, तो उसका शुगर लेवल सुबह तक बढ़ा हुआ पाया जा सकता है।

डायबिटिक मरीज रोटी-सब्ज़ी खाते समय रखें ये सावधानियां
1. रोटी की मात्रा और किस्म पर दें ध्यान

सादी गेहूं की रोटी के बजाय मल्टीग्रेन, बाजरा, ज्वार या चने के आटे की रोटी बेहतर विकल्प होती है। ये धीरे पचती हैं और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखती हैं।

2. सब्ज़ी का सही चयन

कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली सब्ज़ियां जैसे तोरी, लौकी, भिंडी, पालक, टमाटर आदि का सेवन फायदेमंद है। आलू, शकरकंद, मटर, गाजर को सीमित मात्रा में ही लें।

3. फाइबर की मात्रा बढ़ाएं

रोटी के साथ कच्ची सलाद या हरी पत्तेदार सब्ज़ियां जरूर शामिल करें। फाइबर ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है।

4. घी या तेल की मात्रा सीमित रखें

ज्यादा तैलीय सब्ज़ियां या रोटी पर घी लगाकर खाने से कैलोरी और ग्लाइसेमिक लोड बढ़ता है। इससे शुगर स्तर पर असर पड़ सकता है।

5. खाने का समय और क्रम

सबसे पहले सलाद और दाल खाएं, फिर रोटी-सब्ज़ी लें। इससे ब्लड शुगर का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है और अचानक स्पाइक नहीं होता।

6. खाने के बाद हल्की सैर करें

डिनर के बाद 15–20 मिनट की धीमी चाल से टहलकदमी ब्लड शुगर नियंत्रण में काफी मददगार होती है।

विशेषज्ञों की सलाह

एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. बताते हैं कि “डायबिटीज़ मरीजों को केवल मीठा ही नहीं, प्रोसेस्ड कार्ब्स और हाई GI फूड्स से भी बचना चाहिए। रोटी-सब्ज़ी के मामले में संयम और सही कॉम्बिनेशन बेहद ज़रूरी है।”

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