भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने हाल ही में Google Chrome ब्राउज़र को लेकर एक सुरक्षा चेतावनी (Security Alert) जारी की है। एजेंसी ने Chrome के कुछ वर्जन में गंभीर सुरक्षा खामियों की पहचान की है, जो हैकर्स को आपके सिस्टम तक पहुंच देने का रास्ता खोल सकती हैं। यदि समय रहते उपाय नहीं किए गए, तो यूजर्स का निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है।
क्या है चेतावनी का कारण?
CERT-In के अनुसार, Chrome ब्राउज़र के कुछ वर्जन में “रिमोट कोड एग्जीक्यूशन”, डेटा चोरी और सिस्टम क्रैश जैसी समस्याएं पाई गई हैं। इन कमजोरियों का फायदा साइबर अपराधी उठा सकते हैं और यूजर्स के कंप्यूटर या मोबाइल सिस्टम को बिना उनकी जानकारी के कंट्रोल कर सकते हैं।
यह अलर्ट विशेष रूप से Windows, macOS और Linux ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहे Chrome वर्जन 116.0.5845.96 और उससे पहले के वर्जन के लिए है।
खतरे कितने गंभीर हैं?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ये कमजोरियां इतनी गंभीर हैं कि हैकर्स एक स्पेशली डिजाइन की गई वेबसाइट के जरिए यूजर्स को फंसा सकते हैं। एक बार जैसे ही यूजर उस वेबसाइट को खोलता है, उनका ब्राउज़र हैक हो सकता है और उनकी बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड, पर्सनल डॉक्युमेंट्स समेत तमाम डेटा लीक हो सकता है।
यूजर्स को क्या करना चाहिए?
सरकार ने Chrome यूजर्स को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द नीचे दिए गए सुरक्षा उपायों को अपनाएं:
Google Chrome को तुरंत अपडेट करें
Google ने सुरक्षा कमजोरियों को दूर करने के लिए एक नया अपडेट जारी किया है। Chrome का लेटेस्ट वर्जन डाउनलोड कर इंस्टॉल करें।
ऑटोमैटिक अपडेट ऑन रखें
ताकि भविष्य में भी किसी भी तरह के खतरे से पहले ही सुरक्षा मिल सके।
अनजान वेबसाइट्स पर क्लिक न करें
अनचाही वेबसाइट, ईमेल लिंक या संदिग्ध विज्ञापनों से बचें।
एंटीवायरस और फायरवॉल को अपडेट रखें
ताकि किसी भी दुर्भावनापूर्ण गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।
ब्राउज़र एक्सटेंशन की जांच करें
अनावश्यक या अज्ञात एक्सटेंशन को तुरंत हटाएं।
सरकार की सक्रियता
CERT-In समय-समय पर इस तरह के अलर्ट जारी करता है ताकि आम नागरिक साइबर हमलों से सुरक्षित रहें। इससे पहले भी WhatsApp, Android सिस्टम और Zoom जैसे ऐप्स को लेकर चेतावनी जारी की जा चुकी है।
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