पथरी का पहला संकेत: शुरुआत में शरीर के इन हिस्सों में महसूस होता है दर्द

किडनी स्टोन यानी पथरी एक आम लेकिन बेहद तकलीफदेह समस्या है। अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को हल्का दर्द समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन अगर समय रहते पहचान ली जाए तो बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं पथरी का पहला संकेत क्या होता है और शुरुआत में शरीर के किन हिस्सों में दर्द महसूस हो सकता है।

पथरी की शुरुआत कैसे होती है?

पथरी तब बनती है जब पेशाब में मौजूद मिनरल्स और साल्ट आपस में मिलकर क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं। धीरे-धीरे ये क्रिस्टल सख्त होकर स्टोन बन जाते हैं। शुरुआती स्टेज में पथरी छोटी होती है, लेकिन इसके संकेत शरीर देने लगता है।

कमर और पीठ के निचले हिस्से में दर्द

पथरी का सबसे पहला और आम लक्षण कमर के एक तरफ या पीठ के निचले हिस्से में हल्का लेकिन लगातार दर्द है। यह दर्द कभी-कभी अपने आप ठीक होता हुआ महसूस हो सकता है, जिससे लोग इसे मसल पेन समझ लेते हैं।

पेट और साइड में चुभन जैसा दर्द

जब पथरी यूरिन पाइप (यूरेटर) की ओर बढ़ती है, तो पेट के निचले हिस्से या साइड में तेज़ चुभन या ऐंठन जैसा दर्द महसूस हो सकता है। यह दर्द अचानक बढ़ भी सकता है।

पेशाब करते समय जलन या दर्द

शुरुआती संकेतों में पेशाब करते समय जलन, चुभन या हल्का दर्द शामिल है। कई बार पेशाब बार-बार आने की समस्या भी होने लगती है, भले ही मात्रा कम हो।

पेशाब के रंग में बदलाव

अगर पेशाब का रंग गुलाबी, लाल या गहरा पीला दिखे, तो यह पथरी का संकेत हो सकता है। ऐसा स्टोन की वजह से अंदरूनी जलन या हल्की चोट के कारण होता है।

मतली और उल्टी महसूस होना

तेज़ दर्द की वजह से कुछ लोगों को मतली, घबराहट या उल्टी जैसा महसूस हो सकता है। यह संकेत आमतौर पर तब दिखता है जब पथरी मूव करने लगती है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर दर्द असहनीय हो, बुखार आए, पेशाब रुक-रुक कर आए या खून दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। देर करने से इंफेक्शन या किडनी को नुकसान पहुंच सकता है।

पथरी से बचाव के आसान उपाय

  • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं
  • नमक और ज्यादा प्रोटीन वाली डाइट कम करें
  • पालक, चुकंदर जैसी ऑक्सेलेट-रिच चीज़ें सीमित मात्रा में लें
  • डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम सप्लीमेंट लें

पथरी का पहला संकेत अक्सर हल्के दर्द के रूप में सामने आता है, जिसे लोग अनदेखा कर देते हैं। लेकिन अगर कमर, पेट या पेशाब से जुड़ी समस्याएं लगातार बनी रहें, तो समय रहते जांच कराना बेहद ज़रूरी है। शुरुआती पहचान ही पथरी के इलाज को आसान बनाती है।